रायपुर: Raipur Salasar temple program रायपुर के सालासर बालाजी मंदिर की स्थापना के सात वर्ष पूरे होने पर एक दिन का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। शनिवार को राम मंदिर से लेकर सालासार बालाजी मंदिर तक पैदल निशान यात्रा निकाली गई। जिसमें समाज के सभी वर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया।
Raipur Salasar temple program जिसके बाद आज रविवार को सुबह बालाजी का अभिषेक किया जा रहा है। उसके बाद सुबह 10 बजे से 2 बजे तक भगवान को सवामणी भोग चढ़ाया जाएगा। साथ ही साथ सुबह 11 बजे से ही सुंदरकाण्ड का पाठ भी पढ़ा जाएगा। शाम के समय भजन गायक कन्हैया मित्तल अपनी प्रस्तुति देंगे।
आपको बता दें कि इस महोत्सव को लेकर सालासर बालाजी धाम में जमकर तैयारी की गई है… मंदिर परिसर में भव्य लाईटिंग लगाई गई है। जयपुर की तर्ज पर बना सालासर बालाजी का मंदिर मध्यभारत का पहला मान्यता वाला मंदिर है। पूरे छत्तीसगढ़ में मंदिर की मान्यता है..इस महोत्सव में काफी संख्या में श्रध्दालु पहुचेंगे। मंदिर परिसर में विशाल पंडाल बनाया गया है…जहां पर भजन संध्या और महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा पूरे मंदिर परिसर में फूलों की विशेष सजावट के लिए कोलकाता से स्पेशल कारीगरों को बुलाया गया है।
रायपुर के सालासर बालाजी मंदिर में इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन क्यों किया जा रहा है?
यह कार्यक्रम सालासर बालाजी मंदिर की स्थापना के सात वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।
सालासर बालाजी मंदिर में रविवार को कौन-कौन से कार्यक्रम होंगे?
रविवार को बालाजी का अभिषेक, सवामणी भोग चढ़ाया जाएगा, सुंदरकाण्ड का पाठ होगा, और शाम को भजन गायक कन्हैय्या मित्तल अपनी प्रस्तुति देंगे।
सालासर बालाजी मंदिर का भव्य रूप कैसा है?
मंदिर परिसर में भव्य लाईटिंग की गई है और विशेष फूलों की सजावट के लिए कोलकाता से कारीगर बुलाए गए हैं। इसके अलावा, विशाल पंडाल में भजन संध्या और महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा।
सालासर बालाजी मंदिर की विशेषता क्या है?
यह मंदिर जयपुर की तर्ज पर बना है और मध्यभारत का पहला मान्यता प्राप्त मंदिर है, जो पूरे छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध है।
क्या इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे?
हां, इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे, और कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में भारी भीड़ की संभावना है।