Who is responsible for suicide? Family seeking justice

रायपुर: खुदकुशी के लिए कौन जिम्मेदार? इंसाफ मांग रहा परिवार, दबंगों पर अभी भी धमकाने का आरोप

इंसाफ मांग रहा परिवार, दबंगों पर अभी भी धमकाने का आरोप! Who is responsible for suicide? Family seeking justice

Edited By :   Modified Date:  November 29, 2022 / 07:56 PM IST, Published Date : May 2, 2022/11:10 pm IST

रायपुर: Who is responsible for suicide? राजधानी रायपुर के तेलीबांधा निवासी मारकंडे परिवार अपने घर के मुखिया की खुदकुशी के बाद इंसाफ की गुहार लगा रहा है। पुलिस ने दोषी कारोबारियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

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पिता ने कर ली खुदकुशी

Who is responsible for suicide? ये है मारकंडे परिवार की बेटी जो अपने मां और छोटे भाईयो के साथ घर में इसलिये रहने को मजबूर है, क्योंकि जिन कारोबारियों से प्रताड़ित होकर पिता ने खुदकुशी कर ली वही कारोबारी और उनके गुर्गे बाकी बचे परिवार के लोगो को प्रताड़ित करने से बाज नही आ रहे हैं। परिजनों के मुताबिक उनके तेलीबांधा रविग्राम स्थित एक पुश्तैनी घर से उनके पड़ोस में स्थित दो कारोबारियों के गैरेज को रास्ता जाता है। लेकिन कारोबारी उनके पिता गंगाप्रसाद पर दबाव बनाते थे कि वो मकान को कौड़ियो के भाव में बेचकर कहीं और चले जाएं। साथ ही जातिसूचक गालियां देते थे। इससे परेशान होकर घर के मुखिया गंगाप्रसाद मारकंडे ने 27 अप्रैल को अपने गांव बरौंदा के घर में सुबह फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इन बातों का उल्लेख मृतक ने अपने सुसाइड नोट में किया है। मामला सामने आने के बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने रविवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। पीड़ितों का आरोप है कि कारोबारी जगमीर सिंह गरचा, आकाशदीप सिंह गिल और उनके साथी अभी भी परिवार को परेशान कर रहे हैं।

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कारोबारी कर रहे परेशान

पुलिस के मुताबिक परिजनो ने एक सुसाइड नोट लाकर दिया है जो सेल्स टैक्स में क्लर्क रहे गंगाप्रसाद मारकंडे की खुदकुशी से पहले 9 अप्रैल को लिखा हुआ है। इसकी जांच और परिवार के सदस्यों के बयान के बाद दोनों आरोपियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने और अनुसूचित जाति निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है।

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पुलिस से लगाई मदद की गुहार

हालांकि पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया लेकिन अभी तक आरोपी कारोबारियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है, जिसकी वजह से ये पीड़ित परिवार अभी भी दहशत में जीने को मजबूर है। पुलिस प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगा रहा है।

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