रायपुर: CG Ki Baat बस्तर शांति की ओर बढ़ रहा है। नक्सली हार रहे हैं, भाग रहे हैं। बस्तर के लोग दशकों बाद स्थायी शांति की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में कांग्रेस को न्याय की याद आई और वो यात्रा लेकर निकल पड़ी। पार्टी अध्यक्ष दीपक बैज की अगुवाई में मुद्दा चुना। बस्तर में खनिज संसाधनों का संरक्षण सियासी जानकार यात्रा की टाइमिंग पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इसी वक्त खनिज संसाधनों की चिंता ने क्यों जोर पकड़ा?
CG Ki Baat नॉर्मल होते हालात क्या कांग्रेस को रास नहीं आ रहे? ये नीति, नीयत और नक्शे-कदम पर सीधा सवाल है, क्योंकि उकसावे की बोली और भूमकाल की दुहाई से बस्तर का भला होगा ये दिखता नहीं, न ही सरकार ने अभी कुछ भी ऐसा किया है। जिसके आधार पर ये कहा जा सके कि बस्तर में प्राकृतिक संसाधनों की लूट हो रही है। तो क्या बैज उकसावे वाली राजनीति कर रहे हैं?
कांग्रेस पार्टी ने बस्तर में न्याय यात्रा निकालकर खनिज संसाधनों के संरक्षण और आदिवासी हितों की रक्षा का मुद्दा उठाया है।
कांग्रेस को अब बस्तर न्याय यात्रा निकालने की जरूरत क्यों पड़ी?
जब बस्तर में हालात सामान्य हो रहे हैं और नक्सल प्रभाव कम हुआ है, तो सियासी विश्लेषक मानते हैं कि कांग्रेस अपने जनाधार को मजबूत करने के लिए यह यात्रा निकाल रही है।
क्या बस्तर में खनिजों की लूट हो रही है?
फिलहाल ऐसा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है जो दिखाए कि सरकार द्वारा बस्तर में खनिज संसाधनों की लूट या गलत इस्तेमाल हो रहा है।