शह मात The Big Debate: छत्तीसगढ़िया हैं इसलिए अनदेखी..! प्रशासन से आखिर क्यों आहत हुए पंडित युवराज?

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Yuvraj Pandey Kathavachak News: छत्तीसगढ़िया हैं इसलिए अनदेखी..! प्रशासन से आखिर क्यों आहत हुए पंडित युवराज?

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  • Publish Date - January 24, 2026 / 12:04 AM IST,
    Updated On - January 24, 2026 / 12:04 AM IST

Yuvraj Pandey Kathavachak News | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • पं. युवराज पांडेय का वायरल वीडियो
  • हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा न मिलने की शिकायत
  • कांग्रेस ने बाहरी बाबाओं को ज्यादा महत्व देने का आरोप लगाया

रायपुर: Yuvraj Pandey Kathavachak News क्या छत्तीसगढ़िया कथावाचकों की जानबूझकर अनदेखी होती है, क्या आयोजन की पूर्व सूचना के बाद भी स्थानीय या छत्तीसगढ़िया कथावाचकों के पंडालों को पर्याप्त सुरक्षा और तवज्जो नहीं दी जाती। आरोप तो ये भी हैं कि कुछ बाहरी बाबाओं की आवभगत में प्रोटोकॉल के उलट शासन की सुविधाओं का बेजा इस्तेमाल तक होता है। ये सारे सवाल उठे हैं प्रदेश के प्रसिद्ध कथा वाचक पं युवराज के एक वायरल वीडियो के बाद जाहिर है मुद्दे पर कांग्रेस बीजेपी में बहस का नया मोर्चा खुल गया है।

Yuvraj Pandey News छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथावाचक और पचरा गीत गायक आचार्य पंडित युवराज पांडेय का कथा मंच से भावुक होकर चिंता प्रकट करने वाला ये वीडियो बड़ी तेजी से वायरल है। उनकी पीड़ा देख-सुन कर ये बहस छिड़ गई है कि क्या प्रदेश में आने वाले बाहरी कथावाचकों, साधु-संतों के मुकाबले स्थानीय राज्य के कथावाचकों के आयोजनों को हल्के में लिया जाता है।

दरअसल, इन दिनों पं युवराज पांडे की कथा राजधानी रायपुर के खिलौरा ग्राउंड में चल रही है, 19 जनवरी से शुरू हुई इस कथा में रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुट रहे हैं, लेकिन प्रशासन को सूचित करने के बाद भी भीड़ के हिसाब से सुरक्षा व्यवस्था ना मिलने पर पं युवराज ने मंच से भावुक होकर अपनी चिंता जाहिर की, पं युवराज ने सबसे बड़ा मुद्दा उठाते हुए कहा कि क्या स्थानीय या छत्तीसगढ़िया होने के कारण प्रशासन गंभीर नहीं विपक्ष ने पं युवराज की मांग का समर्थन करते हुए इशारों-इशारों में बाहरी बाबाओं को ज्यादा महत्व देने का आरोप लगाया। जिस पर बीजेपी ने भी जमकर पलटवार किया।

हालांकि, पं युवराज के वीडियो वायरल होने का असर भी दिखा। प्रशासन ने पंडाल के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी है। सवाल ये है कि क्या स्थानीय या छत्तीसगढ़िया होने के चलते बड़े धार्मिक आयोजन की पूर्व सूचना पर भी पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी जाती है, क्या अन्य राज्यों से आने वाले ख्यात कथावाचकों को ज्यादा महत्व और व्यवस्थाएं दी जाती हैं?

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पं. युवराज पांडेय कौन हैं?

वे छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथावाचक और पचरा गीत गायक हैं।

विवाद कैसे शुरू हुआ?

रायपुर में उनकी कथा के दौरान पर्याप्त सुरक्षा न मिलने पर उन्होंने मंच से चिंता जाहिर की, जिसका वीडियो वायरल हो गया।

विपक्ष ने क्या आरोप लगाए?

विपक्ष ने आरोप लगाया कि बाहरी बाबाओं को ज्यादा महत्व और प्रशासनिक सुविधाएं दी जाती हैं, जबकि स्थानीय कथावाचकों की अनदेखी होती है।