CM Dhami Latest News: अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में मिलेगा इतने प्रतिशत आरक्षण, सीएम धामी ने कैडेट्स से की मुलाकात, कहा- आपके भविष्य की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी

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अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में मिलेगा इतने प्रतिशत आरक्षण, सीएम धामी ने कैडेट्स से की मुलाकात, CM Pushkar Singh Dhami Met Agniveers

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  • Publish Date - March 10, 2026 / 11:45 PM IST,
    Updated On - March 11, 2026 / 12:09 AM IST
HIGHLIGHTS
  • उत्तराखंड में अग्निवीरों को वर्दीधारी पदों में 10% क्षैतिज आरक्षण मिलेगा।
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में अग्निवीर कैडेट्स से संवाद किया।
  • सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी: धामी।

देहरादून: CM Dhami Latest News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि अग्निवीरों के भविष्य की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और उनके लिए वर्दीधारी पदों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में अग्निवीरों के रूप में भर्ती होने वाले कैडेट्स के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भरोसा दिलाया।

CM Dhami Latest News: ओपी कंडारी नाम के कैडेट ने पूछा कि सरकार अग्निवीर के रूप में सेवा पूरी करने के बाद उनके रोजगार की क्या व्यवस्था कर रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी (राज्यस्तरीय बलों) पदों पर अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है जबकि इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार भी अनेक क्षेत्रों में अग्निवीरों को अवसर मुहैया करा रही है। उन्होंने कहा, “हर अग्निवीर के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।”

संवाद के दौरान अग्निवीर कैडेट्स ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। यह पूछे जाने पर कि एक सैनिक के बेटे होने के कारण क्या उन्होंने कभी सेना में भर्ती होने के बारे में नहीं सोचा तो धामी ने कहा कि अपने पिता के साथ रहते हुए उन्होंने सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को करीब से देखा है। उन्होंने कहा, “जिस प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ हमारे सैनिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, उसी भावना से वह प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में उत्तराखंड की जनता की सेवा करने का प्रयास करते हैं।” हिमांशु रौतेला ने उनसे प्रश्न किया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के नाते वह अपने परिवार को कैसे समय दे पाते हैं? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी लोग उनका परिवार हैं और सभी गांव उनके अपने गांव हैं।

यह पूछे जाने पर कि उनकी पहचान “धाकड़ धामी” के रूप में क्यों बनी तो मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का व्यवहार जनता के साथ सदैव सौम्य होना चाहिए लेकिन राज्यहित और जनहित में कई बार कठोर व साहसिक निर्णय लेने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है, प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून भी लागू किया गया है। एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता के आशीर्वाद से कार्य करने के लिए मिलने वाली ऊर्जा और प्रेरणा की वजह से उनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप राज्य के विकास को नयी गति देने के लिए पूरे संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इससे पहले, अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात लगातार बढ़ रहा है और भारतीय सेना वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और सक्षम सेना के रूप में स्थापित हुई है।

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उत्तराखंड में अग्निवीरों को कितना आरक्षण मिलेगा?

उत्तराखंड सरकार ने राज्य के वर्दीधारी पदों (राज्य स्तरीय बलों) में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है।

अग्निवीर योजना में सेवा पूरी होने के बाद रोजगार के क्या अवसर मिलेंगे?

सेवा पूरी होने के बाद अग्निवीरों को राज्य सरकार के वर्दीधारी पदों में आरक्षण के साथ-साथ केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने अग्निवीर कैडेट्स से कब और कहां संवाद किया?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में अग्निवीर कैडेट्स से संवाद करते हुए उनके सवालों के जवाब दिए।

“धाकड़ धामी” नाम से मुख्यमंत्री की पहचान क्यों बनी?

मुख्यमंत्री ने बताया कि जनहित और राज्यहित में कई बार कठोर और साहसिक फैसले लेने पड़ते हैं। समान नागरिक संहिता (UCC), सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून जैसे फैसलों के कारण उनकी यह पहचान बनी।

अग्निवीर योजना को लेकर सरकार की क्या जिम्मेदारी बताई गई है?

मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीरों की सेवा के बाद उनके भविष्य को सुरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए विभिन्न रोजगार और आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है।

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