शह मात The Big Debate/Image Credit: Vidhan Sabha
शह मात The Big Debate: रायपुर: विधानसभा में होली के बाद शुरू हुए सत्र के छठवें दिन यानी सोमवार को कांग्रेसी विधायक लखेश्वर बघेल के बस्तर में धान खऱीदी में छूटे किसानों के बारे में पूछे एक सवाल पर मंत्री दयाल दास बघेल बेबस नजर आए। चंद मिनटों बाद कवासी लखमा के सवाल पर भी मंत्री तकरीबन निरुत्तर रहे। सातवें दिन मंगलवार को भी यही सिलसिला रहा। सीनियर मंत्री केदार कश्यप विपक्ष के दो-दो सवालों पर निरुत्तर हो गए। अधूरी जानकारी के चलते आधे घंटे में दो बार विपक्ष के वॉकऑउट कर विरोध जताया। (शह मात The Big Debate) इसी तरह कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल के डोंगरगढ़ बैंक परिसर कब्जा मामला और कांग्रेस विधायक द्वारिकाधीश यादव के तेंदुकोना कॉलेज टेंडर मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर भी मंत्री चौतरफा घिरते नजर आए। विपक्ष का आरोप है कि, सरकार पूरी तैयारी के साथ सदन में नहीं पहुंच रही या तो विभागीय अधिकारी उन्हें गुमराह कर रहे हैं।
शह मात The Big Debate: वैसे, मंत्रियों को घेरने में अपने भी पीछे नहीं रहे। अजय चंद्राकर, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, राजेश मूणत, सुनील सोनी जैसे सत्ता पक्ष के तेज तर्रार सीनियर विधायक सदन में तीखे सवालों से मंत्रियों के पसीने छुड़ा रहे हैं, लेकिन सदन के बाहर सरकार का बचाव भी कर रहे हैं।
आरोप और सफाई से अलग सवाल ये है कि जब सत्र में लगे सवालों पर विभाग के बेस्ट अफसर (शह मात The Big Debate) और पूरा प्रशासनिक अमला दिन-रात जुटे होने का दावा करता है तो फिर सदन में एक दिन में कई-कई मंत्री अधूरे और गलत जानकारी वाले जवाब पर क्यों घिरे नजर आते हैं?
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