वैध की गई कॉलोनी पर हाईकोर्ट ने पलटा पूर्व सरकार का फैसला, बीजेपी ने सरकार पर लगाया कमजोर पैरवी करने का आरोप

वैध की गई कॉलोनी पर हाईकोर्ट ने पलटा पूर्व सरकार का फैसला, बीजेपी ने सरकार पर लगाया कमजोर पैरवी करने का आरोप

वैध की गई कॉलोनी पर हाईकोर्ट ने पलटा पूर्व सरकार का फैसला, बीजेपी ने सरकार पर लगाया कमजोर पैरवी करने का आरोप
Modified Date: November 29, 2022 / 08:26 pm IST
Published Date: June 3, 2019 9:48 am IST

भोपाल। अवैध कॉलोनियों को वैध करने के पूर्व शिवराज सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। तत्कालीन शिवराज सरकार ने धारा-15A को खत्म कर दिया था । उस समय की सरकार ने धारा-15A को खत्म कर अवैध कॉलोनियों को वैध किया था । इस मामले को लेकर बीजेपी ने मौजूदा सरकार पर हाईकोर्ट में ठीक से पक्ष नहीं रखने का आरोप लगाया है। मध्यप्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोर्ट में ठीक से पक्ष नहीं रखा है। सरकार ठीक से पक्ष रखती तो लोगों को राहत मिलती, अब ऐसी कॉलोनियों में रहने वाले लोग निश्चित ही परेशान होंगे।

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बता दें कि हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंचएक याचिका का निपटारा करते हुए उस समय की सरकार के फैसले को पलट दिया है। यानि अब फिर से अवैध से वैध हुई कॉलोनी अवैध
ही मानी जाएंगी। अवैध कॉलोनी बनाने वालों के खिलाफ राज्य सरकार कार्रवाई कर सकेगी। कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि अवैध कॉलोनी बनाने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ निगम की धारा 292E के तहत कार्रवाई की जाए।

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अवैध कॉलोनी बसाए जाने के लिए डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, आरआई, अवैध कॉलोनाइजर के खिलाफ कार्रवाई के की मांग की गई है। बता दें कि तत्कालीन शिवराज सरकार ने चुनाव में फायदा लेने के लिए अवैध कॉलोनी को वैध कर दिया था। हाईकोर्ट में पेश की गई याचिका में आरोप लगाया है कि इस फैसले से शिवराज सरकार को 25 हजार करोड़ का फायदा हुआ है।


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