रिपोर्ट में धान जमीन पर धनिया, कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन पटवारी निलंबित

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रिपोर्ट में धान जमीन पर धनिया, कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन पटवारी निलंबित

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  • Publish Date - November 27, 2019 / 12:25 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:28 PM IST

कवर्धा। अवैध धान और इससे जुड़े मुद्दों पर प्रशासन हाई अलर्ट पर है। धान के पंजीकृत रकबा का भौतिक सत्यापन में गड़बड़ी पाए जाने पर कलेक्टर ने तीन पटवारियों को निलंबित कर दिया है।

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तीनों पटवारियों पर कार्य में लापरवाही बरतने के खिलाफ कार्रवाई की गई है। रवि आमदे, संगीता धृतलहरे, अमरीश पुरी गोस्वामी को कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

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तीनों पटवारियों के खिलाफ धान के पंजीकृत रकबा का भौतिक सत्यापन में गड़बड़ी का आरोप है, जांच में धान के बजाय अन्य फसल लगी पाए जाने पर कलेक्टर ने निलंबन की कार्रवाई की है।

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कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने कबीरधाम जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में धान खरीदी के लिए किसानों के पंजीकृत रकबा के सत्यापन में लापरवाही बरते वाले करने तीन पटवारी रवि आमदे तहसील सहसपुर लोहारा, संगीता घृतलहरे बोड़ला, और अमरीशपुरी गोस्वामी बोडला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन तीनों पटवारियों ने अपने-अपने पटवारी हल्का ग्रामों सहसपुर लोहारा तहसील के गमा नूनछापर और बोडला तहसील के ग्राम खडौदा और बोदा तरेगावं जंगल के पंजीकृत किसानों के पंजीकृत रकबा के पंजीयन में लापरवाही बरती गई थी। इनके द्वारा धान खरीदी के लिए रकबे का पंजीयन किया गया और भौतिक सत्यापन और निरीक्षण में सोयाबीन,टमाटर, राहर और कोदो की फसलें मिली।
उल्लेखनीय है कि पूरे जिले के खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 धान खरीदी के लिए पंजीकृत किसनों के धान के रकबे का मौके पर खेत में जाकर पंजीकृत सूची दर्ज रकबे से मिलान कर भौतिक सत्यापन और संशोधन की कार्यवाही चल रही है। इससे पहले भी कलेक्टर श्री शरण के निर्देशानुसार वीरसावरकर भवन में इस संबंध में पटवारियों और अन्य अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर धान खरीदी के लिए पंजीकृत किसानों का रकबा मिलान करने और सुधार करने के कड़े निर्देश दिए थे।

इस परिपालन में जिला स्तरीय सत्यापन और निरीक्षण दलों द्वारा भौतिक सत्यापन कार्यों का निरीक्षण किया गया। भौतिक सत्यापन और निरीक्षण में सहसपुर लोहारा तहसील के उपार्जन केन्द्र बिडौरा अंतर्गत ग्राम नूनछापर के तीन पंजीकृत किसानों के खोतों पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया। भौतिक सत्यापन में किसान गोविन्द के खेत में सोयाबीन और टमाटर की फसल पाया गया। गौकरण के खेत में सोयाबीन पाया गया, जबकि पंजीयन की सूची में धान फसल उल्लेखित था। इसी प्रकार सियाराम के नाम पर पंजीकृत धान केक खेत में भौतिक रूप से एक हैक्टेयर में सोयाबीन और राहर पाया गया।

बोड़ला तहसील के अंतर्गत धान उर्पाजन केन्द्र खडौदा में जाकर रकबा का संशोधन की कार्यवाहीं का निरीक्षण किया गया। ग्राम सिल्हाटी के अनिरूद्ध और सनत कुमार के खसरा में धान पंजीयन सूची में अंकित खसरा रकबा में गन्ना सर्वे सूची में दर्ज पाया गया।

बोदा तरेगांव जंगल उपार्जन केन्द्र के अंतर्गत तरेगांव के पंजीकृत बुद्धसिंह के खेत का भौतिक सत्यापन किया गया। उनके धान पंजीकृत खसरें में भौतिक रूप से कोदो की फसल पाई गई। कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने भौतिक सत्यापन और निरीक्षण दल के रिपोर्ट के आधार पर धान खरीदी के लिए किसानों के पंजीकृत रकबा के सत्यापन में लापरवाही बरतने वाले इन तीनों पटवारियेां को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।