ग्वालियर: उपचुनाव से पहले मध्यप्रदेश में सियासी सरगर्मी जोरों पर है। जहां एक ओर विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर कांग्रेस ने भाजपा को आड़े हाथों लिया है, वहीं दूसरी ओर 22 विधायकों के दल बदल के मामले को लेकर हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में रिट अपील दायर की गई है। इस याचिका में विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है। मामले में मंगलवार को सुनवाई होगी। बता दें कि इस मामले को लेकर 19 मार्च को एडवोकेट उमेश बोहरे ने भी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लागई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका खारीज कर दिया था।
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मिली जानकारी के अनुसार याचिकाकर्ता ने मुन्नालाल गोयल ने मामले को लेकर याचिका दायर की है। अपनी याचिका में मुन्ना लाल गोयल ने लिखा है कि पूरे प्रदेश में 22 विधायकों की खरीद फरोख्त का मामला गूंज रहा है। कहा जा रहा है कि दल बदल के लिए विधायकों ने 50-50 करोड़ रुपए लिए हैं। ऐसे में ग्वालियर चंबल अंचल में हालात बेकार हो गई है। लोग अब इन विधायकों को पीट रहे हैं। इसी के चलते 3 दिन पहले मुन्नालाल गोयल पर भी हमला हुआ है।
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गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के साथ ही मध्य प्रदेश के 22 विधायकों ने कांग्रेस और विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सभी विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिर गई थी, जिसके बाद शिवराज सिंह ने सीएम की कुर्सी संभाली है।