ग्वालियर। अवैध कॉलोनियों को वैध करने के पूर्व शिवराज सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। तत्कालीन शिवराज सरकार ने धारा-15A को खत्म कर दिया था । उस समय की सरकार ने धारा -15A को खत्म कर अवैध कॉलोनियों को वैध किया था ।
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हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उस समय की सरकार के फैसले को पलट दिया है। यानि अब फिर से अवैध से वैध हुई कॉलोनी अवैध ही मानी जाएंगी। अवैध कॉलोनी बनाने वालों के खिलाफ राज्य सरकार कार्रवाई कर सकेगी। कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि अवैध कॉलोनी बनाने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ निगम की धारा 292E के तहत कार्रवाई की जाए।
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अवैध कॉलोनी बसाए जाने के लिए डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, आरआई, अवैध कॉलोनाइजर के खिलाफ कार्रवाई के की मांग की गई है। बता दें कि तत्कालीन शिवराज सरकार ने चुनाव में फायदा लेने के लिए अवैध कॉलोनी को वैध कर दिया था। हाईकोर्ट में पेश की गई याचिका में आरोप लगाया है कि इस फैसले से शिवराज सरकार को 25 हजार करोड़ का फायदा हुआ है।