इंदौरः बुजुर्गों के साथ हुई बर्बरता की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में 6 मास्टर कर्मियों को दोषी पाया गया है, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि मास्टर कर्मियों की लापरवाही की वजह से यह घटना हुई है और इससे इंदौर नगर निगम की छवि धूमिल हुई है। मामले में अब निगम अपर आयुक्त प्रताप सिंह सोलंकी के खिलाफ विभागीय जांच भी होगी।
जानें पूरा मामला
29 जनवरी को एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें इंदौर नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा बुजुर्गों के साथ अमानवीय व्यवहार करते देखा गया था। बेसहारा बुजुर्गों को निगम के कर्मचारियों ने जानवरों की तरह ठूंसकर कचरा गाड़ी में भरा और उन्हें शहर से बाहर छोड़ने जा पहुंचे। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बाद में सरकार ने दो कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मामले में निर्देश देते हुए कहा था कि बुजुर्गों के प्रति अमानवीय व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
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