टूलकिट का टंटा! सूबे की सियासत में FIR वाली पॉलिटिक्स के मायने क्या हैं?

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टूलकिट का टंटा! सूबे की सियासत में FIR वाली पॉलिटिक्स के मायने क्या हैं?

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  • Publish Date - June 8, 2021 / 06:18 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:02 PM IST

रायपुर: कोरोना काल में कांग्रेस के कथित टूलकिट पर पूरे देश में अगर सबसे ज्यादा कहीं सियासत हो रही है, तो वो है छत्तीसगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के ट्वीट से शुरू हुआ टूलकिट विवाद अब हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है। दूसरी ओर इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। अब जब बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही सियासी टूलकिट पर कानूनी दांवपेंच का सहारा ले रहे हैं, तो सबको ये इंतजार रहेगा कि कोर्ट इसमें क्या फैसला लेती है? लेकिन बड़ा सवाल ये है कि सूबे की सियासत में FIR वाली पॉलिटिक्स के मायने क्या हैं?

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कांग्रेस के कथित टूलकिट पर देश में मचे घमासान के बाद बीते 18 मई को पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के इसी पोस्ट के बाद टूलकिट विवाद की इंट्री छत्तीसगढ़ की सियासत में हुई थी। पोस्ट को वायरल हुए 25 दिन से ज्यादा हो चुके हैं और मामला FIR, धरना प्रदर्शन और अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। जी हां रमन सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने की मांग की है। बीजेपी के दोनों नेताओं के खिलाफ रायपुर के सिविल लाइंस थाने में 19 मई को FIR दर्ज कराई गई थी। फिलहाल याचिका पर सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं है।

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केवल रमन सिंह और संबित पात्रा ही नहीं बल्कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और राष्ट्रीय महासचिव बी एल संतोष पर भी छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने टूलकिट मामले में FIR दर्ज कराया है। कांग्रेस का आरोप है कि इन्होंने AICC के आईटी रिसर्च विभाग के जाली लेटरहेड पर मनगढ़ंत फेक न्यूज साझा कर देश में सांप्रदायिक हिंसा फैलाने का प्रयास किया। कांग्रेस के आरोपों में कितनी सच्चाई है..ये तो जांच का विषय है, लेकिन विपक्ष जरूर इसे लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के मुताबिक कांग्रेस अपने मुख्यमंत्री को राष्ट्रीय स्तर के नेता के रूप में स्थापित करना चाहती है। इसलिए प्रदेश में बीजेपी के राष्ट्रीय नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज कर विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।

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दूसरी ओर रमन सिंह सहित राष्ट्रीय नेताओं पर FIR को लेकर बीजेपी के आरोपों को सत्ता रूढ़ कांग्रेस सिरे से खारिज कर रही है। वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि भूपेश बघेल हमारे सर्वमान्य नेता हैं। बीजेपी के जिन नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई वो सभी सही मुद्दे हैं और सब की जांच की जा रही है।

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बहरहाल टूलकिट का मुद्दा अब हाईकोर्ट के चौखट पर पहुंच चुका है। बीजेपी नेताओं की याचिका पर जब सुनवाई होगी तब होगी है, लेकिन इसे लेकर सूबे की सियासत जरूर गरमाई हुई है। दोनों ही सियासी दल कथित टूलकिट मामले में कानूनी दांवपेंच का सहारा ले रहे हैं। आने वाले दिनों में इसका क्या साइड इफेक्ट होगा, ये बड़ा सवाल है।

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