Paper Leak Law in India/Image Credit: AI
Paper Leak Law in India: नई दिल्ली: नीट पेपर लीक को लेकर 20 जून से दिल्ली के जंतर मंतर पर शुरू हुआ CJP का आंदोलन गुजरते वक्त का साथ बड़ा होता चला गया। पेपर लीक से परेशान देशभर से छात्र आंदोलन से जुड़ते चले गए। 28 जून को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने जब अनिश्चितकालीन अनशन का ऐलान किया तो इसे नई दिशा और धार मिली। वहीं जब 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों को आक्रोश खुलकर सामने आया तो ये साफ हो गया कि पेपर लीक की समस्या कितना गंभीर रूप ले चुकी है।
देश में हाल के कुछ सालों में सामने आई पेपर लीक की घटनाओं में दिल्ली में साल 2018 में CBSE बोर्ड का 10वीं मैथ्स और 12वीं इकोनॉमिक्स का पेपर लीक हो गया। 2021 में राजस्थान में REET भर्ती परीक्षा का पर्चा लीक हुआ। उत्तर प्रदेश में 2024 में UP पुलिस कॉन्सटेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ। (Paper Leak Law in India) वहीं बिहार में 2023 में बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती का भी पर्चा लीक हो गया। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी 2024 में UGC-NET परीक्षा का पर्चा लीक हुआ था।हाल की ही बात करें तो जुलाई 2026 में ही उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में बी-टेक परीक्षा का पेपर एक सहायक प्रोेफेसर ने वॉट्स एप पर शेयर कर दिया।
Paper Leak Law in India: इन पेपर लीक के चलते लाखों छात्र परेशान हुए और परीक्षा दोबारा करानी पड़ी। सरकार को समझ आ गया कि इस दिशा में कठोर कदम उठाए जाने की सख्त जरुरत है। यही वजह रही मोदी कैबिनेट ने शुक्रवार को पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा के प्रावधान वाले बिल को मजूरी दे दी। जिसमें दोषियों को 5 से 10 साल की सजा और 10 करोड़ के जुर्माने जैसे कड़े प्रावधान हैं। बीजेपी नेता जहां इसे पेपर लीक के खिलाफ बड़ा कदम बता रही है वहीं विपक्ष इस पर सवाल खड़े कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बिल को लाने के संकेत गुरूवार रात ही दे दिए थे जब एक वीडियो शेयर करते हुए कहा था कि पेपर लीक पर कैबिनेट सख्त फैसला लेगी और संसद के इसी सत्र में बिल पास कराएंगी।
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