कोयंबटूर, 10 जून (भाषा) तमिलनाडु पुलिस ने कोयंबटूर जिले के सुलूर में 10 साल की बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या से जुड़े मामले में वारदात के 18 दिनों में जांच पूरी कर तीन सप्ताह के भीतर यहां की स्थानीय अदालत में दो आरोपियों के खिलाफ 819 पन्नों का विस्तृत आरोप पत्र दाखिल किया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि पॉक्सो(बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत में दाखिल आरोप पत्र में सुलूर के नजदीक स्थित पल्लापालयम के रहने वाले के. कार्ति (35) को मुख्य आरोपी और उसके साथी आर. मोहन (31) को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अलग-अलग विभागों के आपसी समन्वय से दो हफ्ते से कुछ ज़्यादा समय में ही आरोप पत्र दाखिल करना संभव हो पाया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘आमतौर पर,आरोप पत्र के साथ संलग्न करने के लिए चिकित्सा और फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने में लगभग दो महीने का समय लग जाता है। इस बार, हमने आपसी तालमेल और कोशिशों से इसे बहुत कम समय में पूरा कर लिया।’’ उन्होंने यह भी बताया कि आरोप पत्र के साथ कुल 215 दस्तावेज संलग्न किये गए हैं।
पुलिस ने मुताबिक 21 मई की शाम को पल्लापालयम में पीड़िता को चॉकलेट का प्रलोभन देकर उसके पड़ोस से अगवा कर लिया गया था। आरोपी उसे दोपहिया वाहन पर बिठाकर कन्नमपालयम टैंक के पास झाड़ियों में ले गए, जहां उसके साथ मारपीट की गई और उसकी हत्या कर दी गई। अगली सुबह पुलिस ने उसका शव बरामद किया।
पुलिस ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आरोप पत्र दाखिल करने से पहले मामले से जुड़े लगभग 100 गवाहों से पूछताछ की गई थी।
पुलिस के मुताबिक दो जून को आयोजित पहचान परेड में दो प्रत्यक्षदर्शियों ने कार्ति की पहचान की और उसे तीन जून को तीन दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था।
भाषा धीरज रंजन
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