(अलिंद चौहान)
नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि एक अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2026 के बीच वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम के तहत 1.05 लाख हेक्टेयर से अधिक वन भूमि का इस्तेमाल गैर-वन कार्यों के लिए किया गया।
इससे पहले सिंह ने 20 जुलाई को लोकसभा को बताया था कि एक अप्रैल, 2016 से 31 मार्च, 2026 के बीच 1.88 लाख हेक्टेयर से अधिक वन भूमि का इस्तेमाल अन्य कार्यों के लिए किया गया।
आप सांसद संजय सिंह के एक सवाल के लिखित जवाब में सिंह ने ताजा जानकारी दी। मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि 2021-2022 से 2025-2026 के बीच अन्य कार्यों के लिए उपयोग की गयी वन भूमि के क्षेत्रफल में काफी बढ़ोतरी हुई है।
आंकड़ों के अनुसार 2021-2022 में 17,189.14 हेक्टेयर वन भूमि को दूसरे कामों के लिए इस्तेमाल किया गया, वहीं 2025-2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 26,858.08 हेक्टेयर हो गया।
एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2026 के बीच ऐसी वन भूमि का क्षेत्रफल दिल्ली से भी ज़्यादा है, जो लगभग 1.48 लाख हेक्टेयर में फैली हुई है।
विभिन्न राज्यों में, मध्य प्रदेश में सबसे ज़्यादा वन भूमि (24,969 हेक्टेयर) का अन्य कार्यों में उपयोग किया गया जबकि दूसरे नंबर पर ओडिशा रहा जहां 12,716.27 हेक्टेयर भूमि का अन्य उपयोग किया गया।
भाषा अविनाश वैभव
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