बहराइच में 15 तेंदुओं को वन विभाग ने सुरक्षित प्राकृतिक वास में छोड़ा, दो मगरमच्छ भी बचाए

Ads

बहराइच में 15 तेंदुओं को वन विभाग ने सुरक्षित प्राकृतिक वास में छोड़ा, दो मगरमच्छ भी बचाए

  •  
  • Publish Date - September 16, 2026 / 01:02 AM IST,
    Updated On - September 16, 2026 / 01:02 AM IST

बहराइच (उप्र) 15 सितंबर (भाषा) नेपाल में लगातार बारिश और बैराजों से नदियों में पानी छोड़े जाने के कारण कतर्नियाघाट जंगल में जलभराव की स्थिति के बीच वन्यजीवों की आबादी वाले क्षेत्रों में आवाजाही बढ़ गई है।

अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग ने 21 जुलाई से अब तक 15 तेंदुओं को पकड़कर सुरक्षित प्राकृतिक वास में छोड़ा है, जबकि मंगलवार को आबादी वाले इलाकों से दो मगरमच्छ भी सुरक्षित निकाले गए।

कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अपूर्व दीक्षित ने बताया कि जंगल में जलभराव के कारण वन्यजीव रिहायशी क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरे लगाकर तेंदुओं को पकड़ा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह मिहींपुरवा के वार्ड संख्या छह में सिंचाई विभाग के एक बंद स्टोर से करीब 10 वर्ष उम्र और 50-55 किलोग्राम वजन के नर तेंदुए को पिंजरे में सुरक्षित पकड़ा गया। इससे एक दिन पहले ककरहा रेंज के रामसहाय पुरवा से भी एक वयस्क नर तेंदुआ बचाया गया था।

दीक्षित के अनुसार, एक जनवरी से अब तक कुल 20 तेंदुओं को पकड़कर सुरक्षित प्राकृतिक वास में छोड़ा जा चुका है।

उन्होंने बताया कि पैरुआ गांव के एक घर तथा मिहींपुरवा नगर क्षेत्र में भटके दो मगरमच्छों को मंगलवार को सुरक्षित नदी में छोड़ दिया गया।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में तेंदुए के हमलों में महबूबनगर के 28 वर्षीय रामसिंह तथा मटेही और आनंद नगर में दो बच्चों की मौत हो चुकी है।

वन विभाग ने लोगों से जलमग्न इलाकों, नदी-नालों के आसपास जाने से बचने और वन्यजीव दिखाई देने पर उन्हें घेरने या परेशान करने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की है।

भाषा सं आनन्द गोला

गोला