नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) दक्षिण दिल्ली के तिगड़ी में सड़क किनारे विभिन्न भोजनालयों और दुकानों से 11 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है , जिनमें से दो को मजदूरी के बजाय केवल चिप्स और बिस्कुट के रूप में भुगतान किया गया था। एक गैर सरकारी संगठन ने बुधवार को यह जानकारी दी।
गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) द्वारा प्रदान की गई जानकारी के बाद तिगड़ी थाना क्षेत्र में एक संयुक्त अभियान के दौरान छह से 17 वर्ष की आयु के लड़कों को मुक्त कराया गया।
संगठन के अनुसार, छह और 10 साल की उम्र के दो बच्चों को एक चप्पल की दुकान पर काम करते हुए पाया गया, जहां दुकान के मालिक ने उन्हें मजदूरी के बदले कथित तौर पर चिप्स और बिस्कुट दिए।
इसने कहा है कि 11 में से पांच बच्चों को कोई मजदूरी नहीं दी गई, जबकि जिन बच्चों को मजदूरी मिली, उन्हें कथित तौर पर केवल नाममात्र राशि दी गई। मुक्त कराए गए बच्चे बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं।
यह कार्रवाई देवली तहसीलदार, श्रम विभाग के अधिकारियों, पुलिस कर्मियों, बाल विकास विभाग, एवीए और बाल विकास धारा (बीवीडी) के प्रतिनिधियों द्वारा की गई।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
पवनेश