भुवनेश्वर में चालकों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा मामले में 113 गिरफ्तार, 354 वाहन जब्त

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भुवनेश्वर में चालकों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा मामले में 113 गिरफ्तार, 354 वाहन जब्त

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  • Publish Date - August 20, 2026 / 12:11 PM IST,
    Updated On - August 20, 2026 / 12:11 PM IST

भुवनेश्वर, 20 अगस्त (भाषा) ओडिशा पुलिस ने भुवनेश्वर में ऐप आधारित कैब एवं ऑटो-रिक्शा चालकों तथा मोटरसाइकिल सवारों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में अब तक 113 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

भुवनेश्वर-कटक पुलिस आयुक्तालय के एक अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 113 लोगों को अदालत में पेश किया गया है, जबकि हिरासत में लिए गए 60 अन्य लोगों को अच्छे आचरण के मुचलके पर रिहा कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने पर 354 वाहनों को भी जब्त किया गया है।

अधिकारी ने कहा कि हिंसा के सिलसिले में अब तक खारवेल नगर थाने में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सात प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

वाहन बुक करने से जुड़े विभिन्न ऑनलाइन मंचों पर पंजीकृत कैब चालकों और मोटरसाइकिल सवारों ने किराया बढ़ाने, एप्लिकेशन शुल्क में कटौती, सामाजिक सुरक्षा और अन्य लाभों सहित अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर 17 अगस्त से काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था।

इन कैब चालकों और मोटरसाइकिल सवारों में से सैकड़ों लोगों ने बुधवार को राजमहल चौक से एक रैली निकाली और महात्मा गांधी मार्ग पर अपने वाहन खड़े कर दिए। इससे सड़क पर जाम लग गया और मास्टर कैंटीन तथा रेलवे स्टेशन इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की तो उन्होंने कथित तौर पर हिंसक रुख अपना लिया और अचानक पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया।

उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन के दौरान तीन पुलिस वाहनों और कई बसों में भी कथित तौर पर तोड़फोड़ की।

भुवनेश्वर-कटक के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नरसिंह भोल ने बताया कि झड़प में कैपिटल थाने के प्रभारी निरीक्षक समेत कम से कम 13 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

इस बीच, राज्य परिवहन प्राधिकरण ने मुख्य सड़क को बाधित करने के लिए इस्तेमाल किए गए ऑटो-रिक्शा के परमिट निलंबित करने और रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस संबंध में भुवनेश्वर-1 के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) ने संबंधित सभी पंजीकृत वाहन के मालिकों और परमिट धारकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

नोटिस में वाहन मालिकों से यह जानकारी देने को कहा गया है कि घटना के समय वाहन कौन चला रहा था और क्या उसका इस्तेमाल मालिक की अनुमति, निर्देश या जानकारी में किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि नोटिस पाने वाले वाहन मालिकों को जरूरी दस्तावेजों के साथ लिखित जवाब दाखिल करने और निर्धारित तारीख एवं समय पर व्यक्तिगत सुनवाई के लिए आरटीओ कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि निर्धारित समय के भीतर जवाब नहीं मिलने या संबंधित व्यक्ति के सुनवाई में उपस्थित नहीं होने पर परिवहन अधिकारी उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर उसका परमिट रद्द करने या निलंबित करने के संबंध में एकतरफा निर्णय ले सकते हैं।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि उसकी यह कार्रवाई घटना के संबंध में चल रही किसी अन्य आपराधिक या कानूनी कार्यवाही को प्रभावित नहीं करेगी।

भाषा प्रचेता रंजन

रंजन