छह महीने में 140 किशोरों की आत्महत्या: एसएचआरसी ने केरल सरकार से रोकथाम उपायों पर रिपोर्ट मांगी

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छह महीने में 140 किशोरों की आत्महत्या: एसएचआरसी ने केरल सरकार से रोकथाम उपायों पर रिपोर्ट मांगी

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  • Publish Date - September 15, 2020 / 01:50 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:48 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 15 सितम्बर (भाषा) केरल में पिछले छह महीनों में कम से कम 140 किशोरों ने मामूली कारणों से आत्महत्या कर ली। इसके बाद राज्य मानवाधिकार आयोग (एसएचआरसी) ने राज्य के सामाजिक न्याय विभाग को निर्देश दिया कि वह आत्महत्या की रोकथाम के अपने उपायों की प्रभावशीलता की पड़ताल करे। एसएचआरसी के अध्यक्ष एंटनी डोमिनिक ने सोमवार को विभाग के निदेशक को दिए निर्देश में किशोरों की आत्महत्या को रोकने के लिए की गई पहल के संबंध में एक रिपोर्ट भी मांगी। आयोग की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘आयोग द्वारा प्राप्त एक शिकायत के अनुसार, एक गैर सरकारी संगठन ‘दिशा’ द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि 13 से 18 वर्ष आयु के कम से कम 140 किशोरों ने जनवरी 2020 से जून 2020 की अवधि के दौरान आत्महत्या कर ली।’’ अध्ययन में कहा गया है कि आत्महत्या के प्रमुख कारणों में पारिवारिक विवाद, प्रेम प्रसंग, परीक्षा में असफलता, मोबाइल फोन एवं दोपहिया वाहन को लेकर मुद्दे शामिल थे। एसएचआरसी ने कहा, ‘‘सबसे अधिक 22 किशोरों ने तिरुवनंतपुरम जिले में आत्महत्या की, इसके बाद मलप्पुरम में 20 ने आत्महत्या की।’’ शिकायत में कहा गया है कि ‘‘ग्राम बाल संरक्षण परिषदों’’ की अक्षमता के परिणामस्वरूप किशोरों में आत्महत्याओं की संख्या बढ़ रही है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि एसएचआरसी ने सामाजिक न्याय विभाग से कहा है कि वह आत्महत्या की रोकथाम के उपायों की प्रभावशीलता की समीक्षा करे और एक रिपोर्ट दे। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गत जुलाई में कहा था कि बच्चों में आत्महत्या की प्रवृत्ति देखी जा रही है। उन्होंने इसे ‘‘अत्यंत गंभीर सामाजिक मुद्दा’’ करार दिया था। भाषा.

अमित उमाउमा