अहमदाबाद, 16 जुलाई (भाषा) अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथ यात्रा बृहस्पतिवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान 16 किलोमीटर लंबे रथयात्रा मार्ग पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
यात्रा के लिए 30,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की अभूतपूर्व तैनाती की गई थी, जिन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली का भी इस्तेमाल किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
वार्षिक रथ यात्रा सुबह करीब सात बजे जमालपुर स्थित 400 वर्ष पुराने जगन्नाथ मंदिर से शुरू हुई। इससे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पारंपरिक ‘पहंडी विधि’ निभाई, जिसके तहत भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के तीनों रथों के मार्ग को स्वर्ण झाड़ू से प्रतीकात्मक रूप से साफ किया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुबह करीब चार बजे मंदिर पहुंचकर प्रातःकालीन ‘मंगला आरती’ में हिस्सा लिया। इसके बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं को उनके-अपने रथों पर विराजमान किया गया। सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार, इसके बाद खलासी समुदाय के सदस्यों ने रथों को मंदिर परिसर से बाहर निकाला।
अधिकारियों ने बताया कि यात्रा जमालपुर, कालूपुर, शाहपुर और दरियापुर जैसे सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरी और करीब 14 घंटे बाद देर शाम मंदिर लौटकर संपन्न हुई।
पुरानी परंपरा के तहत वापसी की यात्रा के दौरान दरियापुर में स्थानीय मुस्लिम नेताओं ने जगन्नाथ मंदिर के मुख्य पुजारी दिलीपदासजी महाराज को शॉल और माला भेंट की, वे खुली जीप में रथ यात्रा के साथ थे।
भाषा प्रचेता संतोष
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