कैंसर को अधिसूचित रोग घोषित करें 19 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश: उच्चतम न्यायालय

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कैंसर को अधिसूचित रोग घोषित करें 19 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश: उच्चतम न्यायालय

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  • Publish Date - August 11, 2026 / 03:39 PM IST,
    Updated On - August 11, 2026 / 03:39 PM IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शेष 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मंगलवार को कहा कि वे कैंसर को “अधिसूचित रोग” घोषित करें, ताकि इसका समय पर पता लगाया जा सके और मरीजों को उचित इलाज व देखभाल मिल सके।

न्यायालय को बताया गया कि 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 17 ने अब तक संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट में की गईं सिफारिशों के आधार पर कैंसर को “अधिसूचित बीमारी” घोषित कर दिया है। इसके बाद न्यायालय ने यह निर्देश दिया।

पिछले साल 12 दिसंबर को अदालत ने प्रसिद्ध डॉक्टर अनुराग श्रीवास्तव की जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा था।

याचिका में पूरे देश में कैंसर को “अधिसूचित बीमारी” घोषित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था, ताकि इसका जल्द पता लगाया जा सके और मरीजों को उचित इलाज व देखभाल मिल सके।

मंगलवार को प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार से पूछा कि वह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए “कुछ अनिवार्य दिशानिर्देश” क्यों जारी नहीं कर रही।

पीठ ने कहा कि सभी के लिए एक समान नीति होनी चाहिए।

केंद्र सरकार की ओर से अदालत में पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक ने कहा कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है।

उन्होंने कहा, “इसके अलावा, 17 राज्यों ने इस बीमारी को अधिसूचित कर दिया है।”

सीजेआई ने कहा, “हम बाकी बचे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश देते हैं कि वे उक्त सिफारिशों पर विचार करें तथा उचित निर्णय लें। अनुपालन हलफनामे दाखिल किए जाएं।”

भाषा जोहेब नेत्रपाल

नेत्रपाल