2020 दिल्ली दंगे: अदालत ने तस्लीम अहमद को बेटे की शूटिंग प्रतियोगिता के लिए आसनसोल जाने की इजाजत दी

2020 दिल्ली दंगे: अदालत ने तस्लीम अहमद को बेटे की शूटिंग प्रतियोगिता के लिए आसनसोल जाने की इजाजत दी

2020 दिल्ली दंगे: अदालत ने तस्लीम अहमद को बेटे की शूटिंग प्रतियोगिता के लिए आसनसोल जाने की इजाजत दी
Modified Date: September 16, 2026 / 10:30 pm IST
Published Date: September 16, 2026 10:30 pm IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) यहां की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के पीछे एक बड़ी साजिश के मामले में आरोपी तस्लीम अहमद को बुधवार को पश्चिम बंगाल के आसनसोल जाने की इजाजत दे दी, ताकि वह अपने बेटे को शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए वहां ले जा सके।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी, अहमद की उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें उन्होंने 22 सितंबर से 26 सितंबर तक आसनसोल जाने की इजाजत मांगी थी।

अदालत ने कहा, “आवेदक तस्लीम अहमद को 22 सितंबर 2026 से 26 सितंबर 2026 तक पश्चिम बंगाल के आसनसोल जाने की अनुमति दी जाती है, बशर्ते कि वह इस मामले के संबंध में मीडिया से बात न करे।”

आदेश में आगे कहा गया, “इसके अलावा, वह कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों और आयोजकों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क नहीं रखेंगे और आसनसोल, पश्चिम बंगाल के अलावा किसी अन्य जगह नहीं जाएंगे।”

आदेश के अनुसार, अहमद ने 24 सितंबर को होने वाली शूटिंग प्रतियोगिता के लिए आसनसोल जाने की अनुमति मांगी थी।

उसने बताया था कि यात्रा की तारीखों में यात्रा के लिए जरूरी अतिरिक्त समय भी शामिल है और इसके साथ अपना आधार कार्ड, शूटिंग कार्यक्रम से जुड़ा आधिकारिक नोटिस और अपने बेटे का प्रवेश पत्र भी लगाया था।

अभियोजन पक्ष ने आवेदन का विरोध किया, लेकिन यह भी कहा कि यदि अदालत अनुमति देने पर विचार करती है, तो उचित शर्तें लगाई जानी चाहिए।

अदालत ने तथ्यों पर विचार करने के बाद कुछ शर्तों के साथ अहमद की अर्जी मंजूर कर ली। अदालत ने अहमद को निर्देश दिया कि वह इस मामले के बारे में मीडिया से बात न करे और उसे कार्यक्रम में शामिल लोगों और आयोजकों के अलावा किसी और के संपर्क में आने से रोक दिया। साथ ही, अदालत ने उसे मंजूरी वाली अवधि के दौरान आसनसोल के अलावा किसी और जगह न जाने का भी निर्देश दिया।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़की, जिसमें 53 लोगों की मौत हो गई और 700 से ज़्यादा लोग घायल हो गए।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश


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