भारत ने पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग को खारिज किया

भारत ने पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग को खारिज किया

भारत ने पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग को खारिज किया
Modified Date: September 16, 2026 / 10:32 pm IST
Published Date: September 16, 2026 10:32 pm IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) भारत ने पाकिस्तान और चीन द्वारा गठित ‘‘तथाकथित’’ संयुक्त सीमा आयोग को बुधवार को खारिज करते हुए कहा कि अवैध कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र से जुड़ी व्यवस्थाओं पर निर्णय लेने का इस आयोग के पास कोई कानूनी आधार नहीं है।

इस्लामाबाद में पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग की पहली बैठक के बाद नयी दिल्ली की यह प्रतिक्रिया आई।

भारत निरंतर यह कहता रहा है कि 1963 में पाकिस्तान द्वारा शक्सगाम घाटी जैसे कुछ इलाके चीन को सौंपना अवैध और अस्वीकार्य है।

नयी दिल्ली ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) का भी विरोध किया है क्योंकि इसका एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से होकर गुजरता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग पर कहा, ‘‘इस मामले पर हमारा रुख स्पष्ट और पहले जैसा है। पाकिस्तान और चीन के बीच कोई सीमा नहीं है। हम तथाकथित संयुक्त आयोग को खारिज करते हैं, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख का समूचा केंद्र-शासित प्रदेश ‘‘भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है, (वर्तमान में भी) है और हमेशा रहेगा।’’

जायसवाल ने कहा, ‘‘हमने 1963 के तथाकथित चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को कभी मान्यता नहीं दी है और लगातार यही कहा है कि यह अवैध और अमान्य है।’’

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम इन कब्जे वाले इलाकों की स्थिति बदलने या अवैध कब्जे को वैध बनाने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध और खंडन करते हैं, क्योंकि इससे भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर आंच आती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय इलाकों को लेकर चीन और पाकिस्तान के बीच सीमा-सहयोग का कोई भी तथाकथित प्रयास पूरी तरह से अस्वीकार्य होगा और इन इलाकों पर भारत की संप्रभुता पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।’’

जायसवाल ने कहा, ‘‘इस तरह के दिखावे के बजाय, हम पाकिस्तान से मांग करते हैं कि वह अपने अवैध और जबरन कब्जे वाले इलाकों को तुरंत खाली करे।’’

भाषा सुभाष शफीक

शफीक


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