दिल्ली/चेन्नई, चार अप्रैल (भाषा) पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच ईरान में फंसे 345 भारतीय मछुआरों का एक समूह शनिवार को आर्मेनिया के रास्ते भारत लौट आया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारतीय नागरिकों की वापसी में सहायता के लिए आर्मेनिया के अपने समकक्ष अरारत मिर्जोयान का आभार जताया।
अधिकारियों ने बताया कि भारतीय नागरिक शनिवार शाम चेन्नई पहुंचे।
ये लोग क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण पश्चिम एशियाई देश में फंसे हुए थे।
विदेशमंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘भारतीय मछुआरों को ईरान से आर्मेनिया के रास्ते भारत लाने की सुविधा प्रदान करने के लिए विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान और आर्मेनिया सरकार को धन्यवाद।’’
पश्चिम एशिया में लगभग एक महीने पहले शुरू हुए संघर्ष के बाद से अब तक 1,150 से अधिक भारतीय नागरिकों ने आर्मेनिया और अजरबैजान के जमीनी रास्ते से ईरान छोड़ा है।
सरकार ने एक बयान में कहा था, ‘‘ईरान में फंसे भारतीय मछुआरों का एक समूह आज आर्मेनिया के रास्ते स्वदेश लौट रहा है; उनकी उड़ान के आज शाम भारत पहुंचने की उम्मीद है।’’
बयान में कहा गया था कि विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया में उत्पन्न हालात पर लगातार नजर रख रहा है और भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा तथा कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
बयान में अबू धाबी में शुक्रवार को पांच भारतीयों के घायल होने का भी जिक्र किया गया।
अबू धाबी के अधिकारियों के मुताबिक एक मिसाइल के मलबे से घायल हुए 12 लोगों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
भारत सरकार के बयान में कहा, ‘‘अबू धाबी में हुए हमले में पांच भारतीय नागरिक घायल हो गए जिनमें से चार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। एक का इलाज किया जा रहा है।’’
अमेरिका और उसके सहयोगी इजराइल के ईरान के साथ 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद काम बंद हो जाने के कारण फंसे इन मछुआरों ने अपने परिवारों को वीडियो संदेश भेजकर सरकार से उन्हें बचाने की गुहार लगाई थी।
ईरान में फंसे तमिलनाडु के 345 मछुआरे उनकी स्वदेश वापसी के समन्वित अभियान के जरिए चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे लाए गए।
तमिलनाडु में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूत्रों ने बताया कि उनकी स्वदेश वापसी की व्यवस्था केंद्र सरकार और पार्टी ने की।
सूत्रों ने कहा कि फंसे हुए मछुआरों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए हवाई टिकट का पूरा खर्च भाजपा ने उठाया, जो लगभग 3.25 करोड़ रुपये है।
चेन्नई पहुंचने पर मछुआरों को भोजन, कपड़े और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
मछुआरों ने चेन्नई हवाई अड्डे पर संवाददाताओं को बताया कि पार्टी ने हवाई अड्डे से उन्हें उनके पैतृक गांवों तक पहुंचाने के लिए विशेष बसों की भी व्यवस्था की।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री और भाजपा के तमिलनाडु चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने इस बचाव अभियान को “बहुत संतोष” की बात और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दर्शन का प्रतिबिंब बताया।
गोयल ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री के निर्देश पर नागरिकों को स्वदेश वापस लाने के लिए ‘‘दिन-रात’’ काम कर समन्वित अभियान चलाया।
भाजपा की तमिलनाडु इकाई के प्रमुख नयनार नागेंद्रन ने बताया कि मछुआरों को चेन्नई के लिए विमान में सवार होने से पहले आर्मेनिया तक 20 घंटे की यात्रा करनी पड़ी। नागेंद्रन ने कहा कि तमिलनाडु के अलावा केरल, पुडुचेरी, गुजरात और ओडिशा के करीब 20 मछुआरों को भी लाया गया।
भाषा
सिम्मी प्रशांत
प्रशांत