बैंक धोखाधड़ी के 54 आरोपी देश छोड़कर भागे : सरकार

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बैंक धोखाधड़ी के 54 आरोपी देश छोड़कर भागे : सरकार

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  • Publish Date - August 4, 2026 / 09:39 PM IST,
    Updated On - August 4, 2026 / 09:39 PM IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) धनशोधन रोधक अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत बैंक धोखाधड़ी के 32 मामलों की जांच कर रहा है, जिनमें 54 आरोपी देश छोड़कर भाग गए हैं।

उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘‘इन मामलों में फरार आरोपियों के खिलाफ ज़रूरी कार्रवाई की गई है, जिसमें नोटिस जारी करना (रेड कॉर्नर, ब्लू कॉर्नर आदि), भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू करना, आरोपियों के प्रत्यर्पण का अनुरोध करना आदि शामिल हैं।’’

उन्होंने कहा कि नौ आरोपियों को संबंधित अदालतों ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है और ऐसे लोगों की 840.68 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त की गई है। उन्होंने कहा कि 18 आरोपियों के खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्यवाही भी शुरू की गई है और उनसे जुड़ी 35,166.28 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है।

चौधरी ने एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार 30 जून, 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से जुड़ी बिना दावे वाली जमा राशि 62,683.19 करोड़ रुपये है, जो जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष में जमा है।

वित्त राज्यमंत्री चौधरी ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के हिस्से के तौर पर परिवारों की बचत वित्त वर्ष 23 में 20 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 21.7 प्रतिशत हो गई।

उन्होंने कहा कि सरकार तथा रिजर्व बैंक दोनों ने आय बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव के असर को कम करने और साथ ही राजकोषीय स्थिरता बनाए रखने के लिए उचित उपाय करना जारी रखेगी।

उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में मामूली बढ़ोतरी की है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भारी व्यवधान के बावजूद, सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से उपभोक्ताओं और घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को कम करने में मदद मिली।

भाषा अविनाश अजय

अजय