हैदराबाद, चार अगस्त (भाषा) कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने मंगलवार को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायक टी. हरीश राव पर राज्य में बारिश रोकने के लिए ‘क्षुद्र पूजा’ (तांत्रिक अनुष्ठान) करने का आरोप लगाया।
गौड़ ने आरोप लगाया कि राव ने यह अनुष्ठान इसलिए किया ताकि सूखे की स्थिति से उन्हें राजनीतिक लाभ मिल सके।
बीआरएस ने आरोपों पर पलटवार करते हुए इन्हें निराधार बताया और कहा कि ये ‘‘निम्न स्तर की राजनीति’’ का उदाहरण हैं।
गौड़ ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘तेलंगाना के गठन के बाद हरीश राव मंत्री रहे और उन्हें हर अवसर मिला। उनका स्वार्थ चरम पर पहुंच गया है।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘वह (राव) चाहते हैं कि तेलंगाना में बारिश न हो, फसलें खराब हों और सूखे के कारण लोग तथा मवेशी प्रभावित हों। राव का मानना है कि ऐसी स्थिति में उन्हें राजनीतिक लाभ मिलेगा।’’
गौड़ ने दावा किया कि बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव के भतीजे हरीश राव मार्च, मई और जून के दौरान कर्नाटक के शिवमोगा तथा तमिलनाडु के तिरुचि स्थित कुछ मंदिर गये थे, जहां पर इस तरह के कथित अनुष्ठान किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि हरीश राव के इन दौरों के सबूत मौजूद हैं।
गौड़ ने कहा कि अगर बीआरएस नेता ने कोई ‘क्षुद्र पूजा’ नहीं की है तो उन्हें इन यात्राओं के उद्देश्य के बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए।
गौड़ ने आरोप लगाया कि हरीश राव ने इस उम्मीद में कथित तौर पर ‘क्षुद्र पूजा’ कराई कि सूखे के कारण कांग्रेस सरकार के खिलाफ उत्पन्न होने वाली सत्ता विरोधी लहर से बीआरएस को राजनीतिक लाभ मिलेगा।
गौड़ के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीआरएस नेता आर. एस. प्रवीण कुमार ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को हिंदू समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस नेताओं ने न केवल हरीश राव बल्कि दुनियाभर के हिंदुओं और अघोरियों का भी अपमान किया है।’’
भाषा जितेंद्र देवेंद्र
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