ओडिशा के तीन जिलों में स्ट्रीट लाइट अनियमितताओं की जांच, 81 अधिकारी तैनात

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ओडिशा के तीन जिलों में स्ट्रीट लाइट अनियमितताओं की जांच, 81 अधिकारी तैनात

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  • Publish Date - June 25, 2026 / 01:54 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 01:54 PM IST

भुवनेश्वर, 25 जून (भाषा) ओडिशा सरकार के सतर्कता विभाग ने केन्दुझर, नयागढ़ और जाजपुर जिलों की पंचायतों में एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने में सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। एक आधिकारिक बयान से यह जानकारी प्राप्त हुई।

बयान में कहा गया है कि यह जांच 2021-22 और 2022-23 के दौरान राज्य की पूर्ववर्ती बीजू जनता दल (बीजद) सरकार के कार्यकाल में कराए गए एलईडी स्ट्रीट लाइट कार्यों से संबंधित है।

सतर्कता विभाग ने जांच के लिए 81 अधिकारियों वाली 24 टीम तैनात की हैं, जिनमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक और निरीक्षक शामिल हैं।

इनमें से प्रत्येक तीन जिलों के लिए 27-27 अधिकारियों की तैनाती की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना ‘प्रत्येक ग्राम पंचायत के एक ग्राम में एलईडी स्ट्रीट लाइट प्रणाली की स्थापना, जिसमें व्यापक वार्षिक रखरखाव अनुबंध (सीएएमसी) शामिल है’ शीर्षक से शुरू की गई थी।

इसका वित्तपोषण पांचवें राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) के अंतर्गत राज्य वित्त आयोग के हस्तांतरण अनुदान के माध्यम से किया गया था।

प्रारंभिक जांच के दौरान सतर्कता विभाग को बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और निविदा दिशानिर्देशों के उल्लंघन के आरोप मिले।

बयान में कहा गया कि कई मामलों में ऊर्जा मीटर, 500 मीटर केबल, एमसीसीबी, आई हुक, सस्पेंशन क्लैम्प, डेड-एंड क्लैम्प और फोटो-स्विच टाइमर जैसे प्रमुख घटक लगाए ही नहीं गए थे, जबकि बिल में इनके लगाये होने का दावा किया गया था।

बयान में कहा गया कि ये गायब घटक प्रत्येक 10 एलईडी लाइट के समूह के लिए उपलब्ध कराए जाने थे।

सतर्कता विभाग ने आरोप लगाया कि बिल फर्जी तरीके से तैयार किए गए और कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा सरकारी धन का गबन किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि कथित वित्तीय अनियमितताओं के दायरे का आकलन करने तथा परियोजना में सरकारी अधिकारियों और कार्यान्वयन एजेंसियों की भूमिका निर्धारित करने के लिए तीनों जिलों के 50 स्थानों पर जमीनी स्तर पर तकनीकी निरीक्षण किए जा रहे हैं।

भाषा तान्या अमित

अमित