ईटानगर, 25 जून (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के सामरिक दृष्टि से संवेदनशील अंजाव जिले में ‘प्रोजेक्ट सद्भावना’ के तहत नागरिक कल्याण के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये की जाएगी। सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।
बुधवार को अंजाव जिले में आयोजित दूसरे नागरिक-सैन्य समन्वय बैठक को संबोधित करते हुए 82 माउंटेन ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर जसप्रीत सिंह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित होने के कारण इस क्षेत्र के अत्यधिक रणनीतिक महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सेना पहले ही कल्याणकारी पहलों पर एक करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है, जिसमें 2025 के वलॉन्ग दिवस समारोह भी शामिल हैं, और भविष्य की सामुदायिक परियोजनाओं के लिए इस आवंटन को बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये करने का संकल्प लिया है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, अंजाव की उपायुक्त मिलो कोजिन की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक का उद्देश्य सीमा क्षेत्र के विकास, बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और जनकल्याण के मुद्दों पर नागरिक प्रशासन और सशस्त्र बलों के बीच समन्वय को और मजबूत करना था।
अंजाव की उपायुक्त मिलो कोजिन ने कहा, ‘‘अंजाव जैसे सामरिक दृष्टि से संवेदनशील सीमावर्ती जिले में नागरिक-सैन्य समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां सुरक्षा और सामुदायिक कल्याण साथ-साथ चलने चाहिए।’’
उन्होंने स्थानीय भूमि संबंधी मुद्दों, कचरा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास के समाधान में सेना को पूर्ण प्रशासनिक सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
चर्चा के दौरान सेना ने बिपिन रावत गेट और दिचु नाला के पार अनधिकृत नागरिक आवाजाही को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं व्यक्त कीं और प्रशासन से जनता को इस बारे में जागरूक करने का अनुरोध किया।
सैन्य बंकरों जैसी बुनियादी संरचनाओं को प्रभावित करने वाले भूमि विवादों को रेखांकित करते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक शर्मा ने कहा कि स्वामित्व दावों के विधिक सत्यापन के बाद सेना केकेजी तोपखाना क्षेत्र के लिए पर्याप्त मुआवजा देने के लिए तैयार है।
बुनियादी ढांचे की प्रगति की समीक्षा करते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पुष्टि की कि वर्तमान कार्य सत्र के दौरान सर्जिकल सेंटर तक जाने वाली सड़क की मरम्मत और उसे ब्लैकटॉप करने के लिए धन स्वीकृत कर दिया गया है।
संपर्क (कनेक्टिविटी) के मामले में हेलीकॉप्टर सेवाओं का एक प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन अनिश्चित मौसम और स्थानीय लोगों की सड़क परिवहन को प्राथमिकता को देखते हुए इसे कम व्यावहारिक माना गया। हालांकि, इस पर राज्य के नागरिक उड्डयन विभाग से अंतिम प्रतिक्रिया का इंतजार है।
बिजली विभाग के अधिकारियों से जिले के वाचा क्षेत्र तक बिजली आपूर्ति का विस्तार करने का भी आग्रह किया गया।
अग्निवीर भर्ती में कम भागीदारी को देखते हुए सेना ने स्थानीय शिक्षण संस्थानों से जागरूकता अभियान चलाने का अनुरोध किया।
रिपोर्ट के अनुसार, सेना ने वालांग में एक पूर्ण बैंक शाखा स्थापित करने का भी अनुरोध किया, ताकि वर्तमान ग्राहक सेवा केंद्र की जगह ली जा सके, जिसमें निकासी की सीमा 30,000 रुपये तक सीमित है।
भाषा तान्या रंजन
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