आयुष्मान के तहत समय पर उपचार शुरू कराने वाले कैंसर रोगियों की संख्या में 90 प्रतिशत वृद्धि : सरकार
आयुष्मान के तहत समय पर उपचार शुरू कराने वाले कैंसर रोगियों की संख्या में 90 प्रतिशत वृद्धि : सरकार
नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) सरकार ने एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के हवाले से संसद को बताया कि आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों में समय पर उपचार शुरू कराने वाले कैंसर रोगियों की संख्या में 90 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जबकि इस योजना में शामिल नहीं हुए लोगों में से मात्र 33 प्रतिशत ही इस प्राणघातक बीमारी का समय पर इलाज शुरू करवा पाये।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी देते हुए बताया कि आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू होने के बाद से इसके लाभार्थी परिवारों की 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत होने का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25 में आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को स्वास्थ्य सेवाओं पर मरीज के होने वाले निजी खर्च को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण साधन रेखांकित किया गया है क्योंकि यह पात्र लाभार्थियों को कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान करती है।
भाजपा सांसद रजनीश कुमार अग्रवाल ने उनसे प्रश्न किया था कि क्या सरकार ने इस योजना के लाभार्थियों का कोई समाजिक एवं आर्थिक अध्ययन करवाया है?
जाधव ने इस प्रश्न के उत्तर में बताया कि 2025 में ‘द लैंसेट रीजनल हेल्थ’ दक्षिण पूर्व एशिया में प्रकाशित एक अध्ययन में आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों में शामिल कैंसर रोगियों में इस बीमारी का उपचार समय पर शुरू होने में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।
मंत्री के अनुसार, अध्ययन में पाया गया कि 33 फीसदी गैर लाभार्थियों का समय पर उपचार शुरू हो पाया जबकि समय पर उपचार शुरू कराने वाले आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों की संख्या में 90 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा आकलन वर्ष 2022-23 के अनुसार, कुल स्वास्थ्य व्यय में होने वाले निजी खर्च का हिस्सा वर्ष 2014-15 में 62.6 फीसदी था जो 2022-23 में घटकर 43.4 फीसदी रह गया।
भाषा मनीषा माधव वैभव
वैभव

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