जयपुर, 29 जून (भाषा) राजस्थान के बीकानेर जिले में तोलियासर गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में छत का एक हिस्सा गिर गया लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि सोमवार को विद्यालय खुलने के बाद इस घटना का चला। उन्होंने बताया कि कमरे की छत से करीब दस पत्थर की पट्टियां टूटकर नीचे गिर गईं तथा फर्नीचर क्षतिग्रस्त हो गया।
प्रधानाचार्य ने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण विद्यालय में कोई छात्र मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
अधिकारियों ने बताया कि 55 वर्ष पुराने इस विद्यालय भवन में 11 कमरे हैं, जिनकी छतें पत्थर की पट्टियों से बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि भवन पुराना होने के कारण कई कमरों की छत से बारिश का पानी टपकने लगा था जिसके बाद शिक्षा विभाग ने 8.56 लाख रुपए की लागत से छतों की मरम्मत और रंग-रोगन कराया था।
मुख्य प्रखंड शिक्षा अधिकारी सरोज वीर पूनिया ने बताया कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने कहा कि नौवीं से 12वीं कक्षाओं तक के विद्यार्थियों को विद्यालय के उपलब्ध कमरों में पढ़ाया जाएगा, जबकि छठी से आठवीं तक की कक्षाएं भैरव मंदिर स्थित सार्वजनिक भवन में संचालित करने का प्रस्ताव है।
सरपंच प्रतिनिधि गिरधारी सिंह ने विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम ने निरीक्षण कर कई कमरों को जर्जर घोषित किया था, अब एक कमरे की छत गिरने के बाद अन्य कमरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि हजारों विद्यार्थी जर्जर सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
उन्होंने सरकार के एक सर्वे का हवाला देते हुए दावा किया कि राज्य में 3,768 सरकारी विद्यालयों की इमारतें जर्जर हैं, जिनमें से 2,558 विद्यालय अत्यधिक जर्जर श्रेणी में आते हैं।
डोटासरा ने कहा कि यह घटना विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है । उन्होंने राज्य सरकार से पूरे प्रदेश में विद्यालय भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
भाषा बाकोलिया राजकुमार
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