पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में एक व्यक्ति की मौत, परिवार ने एसआईआर डर को इसकी वजह बताया

Ads

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में एक व्यक्ति की मौत, परिवार ने एसआईआर डर को इसकी वजह बताया

  •  
  • Publish Date - November 10, 2025 / 03:11 PM IST,
    Updated On - November 10, 2025 / 03:11 PM IST

कोलकाता, 10 नवंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में सोमवार को 70 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा उसके परिवार ने आरोप लगाया है कि उसकी जान पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी चिंता के कारण गयी है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान श्यामल कुमार साहा के रूप में हुई है, जो ताहिरपुर थानाक्षेत्र के कृष्णचकपुर मंडलपारा के निवासी थे।

पुलिस ने कहा, ‘‘परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि 2002 की मतदाता सूची में नाम नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद से श्यामल ने खाना-पीना छोड़ दिया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास सभी वैध दस्तावेज़ थे। हमें मौत की जानकारी मिली है, लेकिन परिवार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज करायी गयी है।’’

पुलिस के मुताबिक जांच से पता चला कि मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और संपत्ति के कागज़ात समेत सभी वैध दस्तावेज होने के बावजूद श्यामल मतदाता सूची के एसआईआर की घोषणा के बाद से ही डरे हुए थे। उनकी पत्नी ने बताया, ‘‘वह मुश्किल से खाते थे और लगातार चिंतित रहते थे।।’’

तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और पंचायत सदस्यों ने श्यामल के परिवार से मुलाकात की। श्यामल फेरीवाले थे।

पश्चिम बंगाल में 23 वर्षों के अंतराल के बाद मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जारी है। राज्य में पिछला एसआईआर 2002 में हुआ था।

पुलिस के अनुसार, एसआईआर की घोषणा के बाद से, ‘‘मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से बाहर किये जाने के डर से’’ पश्चिम बंगाल में कई लोगों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।

तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू की गई एसआईआर प्रक्रिया से उत्पन्न घबराहट ने कई लोगों को परेशानी में डाल दिया है। भाजपा ने इस आरोप को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज किया है।

भाषा

राजकुमार अमित

अमित