जयपुर, 19 जून (भाषा) राजस्थान के बीकानेर में सरकारी पीबीएम अस्पताल में शुक्रवार को बीस साल की एक प्रसूता की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार ‘सिजेरियन डिलीवरी’ के बाद इस महिला के कई अंगों ने काम करना बंद (मल्टीपल ऑर्गन फेलियर) कर दिया था जिसके कारण उसकी मौत हो गई।
अधिकारियों के मुताबिक महिला की पहचान सूरतगढ़ कस्बे की प्रीति के तौर पर हुई है तथा प्रसव के बाद उसकी हालत बिगड़ने पर वह लगभग एक महीने से अस्पताल में इलाज करा रही थी।
अधिकारियों के अनुसार अस्पताल प्रशासन के अनुसार ‘सिजेरियन डिलीवरी’ (सर्जरी) के बाद प्रीति की सेहत लगातार बिगड़ती गई; पहले उसके गुर्दे ने काम करना बंद किया और फिर यकृत खराब हो गया। पिछले कुछ दिनों से उसे दिमाग तक ऑक्सीजन पहुंचने में भी दिक्कत हो रही थी और वह ‘वेंटिलेटर’ पर थी।
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने कहा कि शुरुआती तौर पर मौत की वजह ‘मल्टीपल ऑर्गन फेलियर’ लग रही है क्योंकि इलाज के दौरान कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर उसकी मौत हो गई।
यह घटना अस्पताल में इसी तरह के कई मामलों को लेकर चल रहे विवाद के बीच हुई है, जहां ‘सिजेरियन डिलीवरी’ के बाद छह महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। उनमें से कई को बार-बार डायलिसिस की जरूरत पड़ी और उन्हें सघन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में ले जाना पड़ा।
दो मरीजों को छुट्टी दे दी गई है जबकि बाकी का इलाज चल रहा है और कुछ की हालत गंभीर है।
अधिकारियों ने बताया कि शक है कि प्रसव के बाद महिलाओं को बाजार से लाए गए ‘ऑक्सीटोसिन’ टीके लगाए गए जिससे उनकी हालत बिगड़ने लगी।
राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए दो समितियां बनाई हैं। जोधपुर मेडिकल कॉलेज की टीम पहले ही शुरुआती जांच कर चुकी है जबकि दवा नियंत्रक की अगुवाई वाली अलग समिति मामले से जुड़े कई पहलुओं की जांच कर रही है।
भाषा पृथ्वी राजकुमार
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