Ram Mandir Donation Theft Case Update/Image Credit: AI
नई दिल्ली: Ram Mandir Donation Controversy सदियों के संघर्ष के बाद अयोध्या में रामलला के मंदिर पर सियासत के कई दौर देखे हैं हमने अब जब रोजाना हजारों भक्त उनके भव्य और दिव्य धाम पहुंचकर दर्शन पाकर धन्य होते हैं। एक सवाल उठा है कि कौन श्रद्धालुओं के चढावे पर बुरी नजर रख रहा है? राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामले में सच सामने ने एक SIT जांच कर रही है। बयान बताते हैं कि ये UP के 2027 के विधानसभा चुनाव का प्रमुख मुद्दा होगा। आज CM योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे। भारोसा दिलाया कोई दोषी नहीं बचेगा, तो विरोधियों को चेताया, राम मंदिर भ्रम फैलाने से बाज आएं।
Ram Mandir Donation Controversy राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे। उन्होंने हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन किए और साफ संदेश दिया कि जांच निष्पक्ष होगी और अपराधी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा। योगी ने विपक्ष पर भी पलटवार किया। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो लोग कभी राम मंदिर का विरोध करते थे, वही आज अयोध्या की चिंता का दिखावा कर रहे हैं।
लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को छोड़ने के मूड में नहीं है। लखनऊ में सपा कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर तो यही बयां कर रहे हैं। जिसमें लिखा है ’27 में आ रहे हैं अखिलेश’ मर्यादा पुरुषोत्त्म नाराज अब न आएंगे योगी महाराज। अब इस विवाद में आम आदमी पार्टी भी कूद पड़ी है राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सरकार का घेरते हुए कहा कि सबूत हैं, तो गिरफ्तारी क्यों नहीं ?
यानी राम मंदिर, जो कभी आस्था और आंदोलन का केंद्र था। अब आरोप, जांच और सियासी आरोप-प्रत्यारोप का नया मैदान बन गया है। सवाल गहरे हैं। जिनके जवाब हर किसी को चाहिए। पहला ये कि सीएम योगी अयोध्या आए तो चंपत राय को दूर क्यों रखा गया? क्या SIT की जांच के बाद मंदिर के चढ़ावे में चोरी का सच सामने आ जाएगा।