नोएडा में विरोध प्रदर्शन मामले में रासुका के तहत गिरफ्तार आकृति चौधरी की हिरासत रद्द
नोएडा में विरोध प्रदर्शन मामले में रासुका के तहत गिरफ्तार आकृति चौधरी की हिरासत रद्द
प्रयागराज, दो सितंबर (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अप्रैल, 2026 में नोएडा में कामगारों के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में रासुका के तहत गिरफ्तार की गयी आकृति चौधरी की हिरासत बुधवार को रद्द कर दी।
दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातक 25 वर्षीय चौधरी करीब पांच महीने से हिरासत में है।
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने पाया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा “मनगढ़ंत कहानी” के आधार पर चौधरी को हिरासत में रखा गया है।
खंडपीठ ने निर्देश दिया कि यदि चौधरी किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो उसे तत्काल रिहा किया जाए।
यह निर्णय तब आया जब खंडपीठ ने चौधरी की गिरफ्तारी और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत जारी नोटिस के क्रम में कई प्रक्रियागत खामियां पाईं।
हिरासत के आदेश को रद्द करते हुए उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को 5,000 रुपये मुआवजा देने का भी निर्देश दिया।
बुधवार को सुनवाई के दौरान, राज्य सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि चौधरी को 12 अप्रैल, 2026 को पूर्वाह्न 10:56 बजे गिरफ्तार किया गया और कानून के मुताबिक उसे नोटिस जारी किया गया था।
यह राज्य का विशेष मामला है जिसमें छात्रा ने भीड़ को कथित तौर पर आगजनी और पथराव के लिए उकसाया था।
उच्च न्यायालय ने कहा कि कानून के मुताबिक नोटिस जारी नहीं किया गया था। खंडपीठ ने जनरल डायरी (जीडी) प्रविष्टि के आधार पर राज्य सरकार के बयान पर यह कहते हुए सवाल किया कि रिकॉर्ड से प्रतीत होता है कि नोटिस तैयार करने से पूर्व ही चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया था।
इससे पूर्व, मंगलवार को उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार से वह फुटेज दिखाने को कहा था जिसमें चौधरी ने प्रदर्शनकारियों को पथराव और वाहनों में आगजनी के लिए उकसाया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने वीडियो पेश करने के लिए समय मांगा, लेकिन पीठ ने यह कहते हुए और समय देने से मना किया कि चौधरी पहले ही पांच महीने जेल में बिता चुकी है।
खंडपीठ ने पूछा था कि यह बात कहां दर्ज है कि चौधरी ने लोगों को बुलाया और पथराव करने को कहा। उच्च न्यायालय ने यह भी पूछा कि क्या कोई ऐसा सामग्री है जिससे पता चलता हो कि याचिकाकर्ता ने प्रदर्शनकारियों को वाहनों में आग लगाने को कहा था।
चौधरी को नोएडा में कामगारो के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने चौधरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980 लगाया। इसके बाद चौधरी ने अपनी हिरासत को चुनौती देते हुए एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के जरिए उच्च न्यायालय का रुख किया।
भाषा सं राजेंद्र
राजकुमार
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