Former Naxalite Bhupati Appointment: देश के सबसे खूंखार पूर्व नक्सली को बड़ी जिम्मेदारी.. बनाये गए इस यूनिवर्सिटी में कोऑर्डिनेटर.. हर महीने मिलेगा इतना वेतन

भूपति ने कहा कि वह ग्राम सभाओं और उनके कामकाज से पहले से परिचित हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें गडचिरोली के गांवों और ग्राम सभाओं की काफी जानकारी है और वह कई गांवों में रहने वाले परिवारों को भी जानते हैं। इस पहल के तहत संविधान की पांचवीं अनुसूची, 73वें संविधान संशोधन और पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम यानी PESA के तहत ग्राम सभाओं को मिले अधिकारों के क्रियान्वयन पर भी जोर दिया जाएगा।

Former Naxalite Bhupati Appointment: देश के सबसे खूंखार पूर्व नक्सली को बड़ी जिम्मेदारी.. बनाये गए इस यूनिवर्सिटी में कोऑर्डिनेटर.. हर महीने मिलेगा इतना वेतन

Former Naxalite Bhupati Appointed in Gondwana University || Image- ANI News File

Modified Date: September 2, 2026 / 07:09 pm IST
Published Date: September 2, 2026 7:08 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पूर्व माओवादी नेता भूपति को नई जिम्मेदारी
  • एकल पहल में बने कोऑर्डिनेटर
  • तीन महीने का अनुबंध, 30 हजार मानदेय

गडचिरोली: महाराष्ट्र के गडचिरोली में पूर्व वरिष्ठ माओवादी नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति को गोंडवाना यूनिवर्सिटी की ‘एकल’ पहल के तहत कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। (Former Naxalite Bhupati Appointment) भूपति ने अक्टूबर 2025 में 61 अन्य साथियों के साथ माओवादी संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण किया था।

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गोंडवाना यूनिवर्सिटी की ‘एकल’ पहल?

गोंडवाना यूनिवर्सिटी की ‘एकल’ पहल की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी। इसका उद्देश्य लोगों को संविधान में दिए गए विभिन्न अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। इसके तहत अलग-अलग कानूनों और सरकारी नीतियों को लेकर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

संविधान के दायरे में काम करने का फैसला

भूपति ने कहा कि माओवादी आंदोलन में कई वर्षों तक सक्रिय रहने के बाद उन्होंने संविधान के दायरे में रहकर लोगों के साथ काम करने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने इस जिम्मेदारी के लिए आवेदन किया और उनका चयन हो गया। भूपति के मुताबिक, उन्होंने अपने इस फैसले के बारे में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पहले ही अवगत करा दिया था। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए इस नई भूमिका का पहला दिन है और वह इस अवसर को लेकर खुश हैं।

ग्राम सभा के अधिकारों के बारे में करेंगे जागरूक

‘एकल’ पहल के तहत भूपति गांवों में काम करने वाले सहयोग मित्रों के साथ काम करेंगे। ये सहयोग मित्र अलग-अलग ग्राम सभाओं में सक्रिय हैं। भूपति उन्हें प्रशिक्षण देंगे और ग्राम सभा की शक्तियों एवं अधिकारों के बारे में उनकी समझ बढ़ाने का काम करेंगे। (Former Naxalite Bhupati Appointment) उन्होंने बताया कि आगे चलकर अभियान के कोऑर्डिनेटर गडचिरोली के उत्तर और दक्षिण क्षेत्र के छह ब्लॉकों में जाएंगे। जरूरत पड़ने पर वह भी उनके साथ गांवों में जाकर ग्रामीणों को ग्राम सभा के अधिकारों के बारे में जानकारी देंगे।

गांवों और ग्राम सभाओं की जानकारी का दावा

भूपति ने कहा कि वह ग्राम सभाओं और उनके कामकाज से पहले से परिचित हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें गडचिरोली के गांवों और ग्राम सभाओं की काफी जानकारी है और वह कई गांवों में रहने वाले परिवारों को भी जानते हैं। इस पहल के तहत संविधान की पांचवीं अनुसूची, 73वें संविधान संशोधन और पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम यानी PESA के तहत ग्राम सभाओं को मिले अधिकारों के क्रियान्वयन पर भी जोर दिया जाएगा। भूपति ने कहा कि PESA के तहत ग्राम सभाओं को 64 तरह के लघु वनोपज पर अधिकार प्राप्त हैं। अभियान के माध्यम से इन अधिकारों को सही तरीके से लागू कराने के प्रयास किए जाएंगे।

ग्रामीणों को PESA और वन अधिकार कानून की जानकारी देंगे

अधिकारियों के अनुसार, भूपति ग्राम सभाओं, आदिवासी समुदाय और प्रशासन के बीच संपर्क की भूमिका निभाएंगे। वह ग्रामीणों को PESA और वन अधिकार अधिनियम के तहत मिले अधिकारों की जानकारी देंगे। इसके अलावा वन अधिकार से जुड़े दावों के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार करने में ग्रामीणों की मदद करेंगे। प्रशासन के पास आवेदन जमा करने से पहले दस्तावेजों और आवेदनों में मौजूद कमियों को दूर कराने में भी सहयोग करेंगे।

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तीन महीने का अनुबंध, हर महीने 30 हजार रुपये मानदेय

भूपति की नियुक्ति फिलहाल तीन महीने के अनुबंध पर की गई है। उन्हें हर महीने 30 हजार रुपये का मानदेय मिलेगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन्हें बताया है कि उनके काम और व्यवहार के आधार पर अनुबंध की अवधि आगे बढ़ाई जा सकती है। (Former Naxalite Bhupati Appointment) जानकारी के मुताबिक, आदिवासी समुदाय से जुड़े मुद्दों पर काम करने की इच्छा जताने के बाद गडचिरोली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने भूपति का नाम गोंडवाना यूनिवर्सिटी के लिए सुझाया था। इसके बाद उनका इंटरव्यू लिया गया और उनका चयन किया गया।

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown