एक महिला को दूसरी महिला का सम्मान करना चाहिए: भाजपा ने स्वरा को घेरा

एक महिला को दूसरी महिला का सम्मान करना चाहिए: भाजपा ने स्वरा को घेरा

एक महिला को दूसरी महिला का सम्मान करना चाहिए: भाजपा ने स्वरा को घेरा
Modified Date: September 2, 2026 / 06:57 pm IST
Published Date: September 2, 2026 6:57 pm IST

नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर के उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने संजय लीला भंसाली की 2018 की फिल्म ‘‘पद्मावत’’ में जौहर के चित्रण पर टिप्पणी की थी।

भाजपा ने कहा कि एक महिला को दूसरी महिला का सम्मान करना चाहिए।

भाजपा की यह प्रतिक्रिया उस वक्त आई, जब भास्कर ने ‘‘पद्मावत’’ में जौहर के चित्रण की आलोचना की और फिल्म के आखिरी दृश्य से मिलने वाले संदेश पर सवाल उठाए।

हाल में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे देख रही थी और मैंने सोचा कि भगवान ना करे, यदि मैं दुष्कर्म पीड़िता होती तो यह फिल्म मुझे क्या बता रही होती? मैं खुद को कायर महसूस करती कि मैंने अपनी इज्जत बचाने के लिए आत्महत्या नहीं की… क्या हम यह कह रहे हैं कि दुष्कर्म किसी महिला की जिंदगी का अंत है? यह दृश्य बहुत ही आपत्तिजनक है।’’

उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना हुई।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने स्वरा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘आपने एक ऐसी महिला का नाम लिया है जिनका स्वर खराब हो गया है। कहा जाता है कि उनका ‘स्वर’ वैसा ही होता है जैसा उन्हें निर्देश दिया जाता है। मेरा मानना ​​है कि इस तरह की टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए। यह जरूरी है कि एक महिला दूसरी महिला का सम्मान करे।’’

बाद में, स्वरा ने स्पष्ट किया कि संजय लीला भंसाली की 2018 की फिल्म ‘‘पद्मावत’’ के जौहर दृश्य की आलोचना करने वाली उनकी बातों का ‘‘पूरी तरह से गलत अनुवाद’’ किया गया और उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती या जौहर करने वाली अन्य महिलाओं को ‘‘कायर’’ नहीं कहा था।

पिछले हफ्ते एक कार्यक्रम के दौरान की गई टिप्पणियों की वजह से अभिनेत्री को सोशल मीडिया पर लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा था कि फिल्म में जौहर को महिमामंडित किया गया है। यह कुछ राजपूत समुदायों में प्रचलित एक प्रथा थी, जिसमें युद्ध में हार तय प्रतीत होने पर महिलाएं पकड़े जाने, बंधक बनाये जाने या यौन हिंसा से बचने के लिए सामूहिक रूप से आत्मदाह कर लेती थीं।

भास्कर ने मंगलवार रात ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में अपनी टिप्पणियों के संदर्भ के बारे में बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘आज सुबह सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है। यह कल के एक कार्यक्रम का है, जहां मुझसे पूछा गया कि ‘पद्मावत’ देखने के बाद मैंने संजय लीला भंसाली को खुला पत्र क्यों लिखा था। मैंने जो कहा था, उसका अब पूरी तरह से गलत अनुवाद किया जा रहा है और गलत बातें फैलाई जा रही हैं; दावा किया जा रहा है कि मैंने कहा था कि रानी पद्मावती और जौहर करने वाली अन्य महिलाएं कायर थीं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कहा था कि जब मैं क्लाइमैक्स देख रही थी, मुझे लगा, भगवान ना करे अगर मैं दुष्कर्म पीड़िता होती तो मैं कायर महसूस करती कि मैंने अपनी जान क्यूं नहीं ली, कि मैं दुष्कर्म के बाद जिंदा बच गयी तो मैं कायर हूं।’’

भाषा सुभाष नरेश

नरेश


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