नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमेन (एलएसआर) के पास स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय एक लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद कॉलेज के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।
छात्राओं ने क्षेत्र में अंधेरा, सुरक्षा ढांचे की कमी और पीछा किए जाने की घटनाओं को लेकर चिंता जताई है।
आसपास के इलाकों में पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों में रहने वाली एलएसआर की कई छात्राओं ने कहा कि वे शाम के समय कॉलेज के पिछले गेट के रास्ते पर खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं।
तीसरे वर्ष की छात्रा काव्या ने बताया, ‘पीछे वाले गेट के पास का इलाका – जहां पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई थी, वास्तव में बेहद असुरक्षित है। शाम के समय यह जगह बिल्कुल सुरक्षित नहीं है।’
उसने कॉलेज के पिछले गेट के पास रोशनी की कमी और क्षेत्र में दिल्ली पुलिस के ‘पिंक बूथ’ (महिला सहायता केंद्र) के कामकाज पर भी सवाल उठाए।
एक अन्य छात्रा ने बताया कि पिछले गेट के आसपास का रास्ता अंधेरे में डूबा रहता है और छात्राओं को पीछा किए जाने जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा है।
छात्रा ने कहा, ‘पीछे वाले गेट पर कोई स्ट्रीट लाइट नहीं है। अगर कोई लाइट लगाई भी जाती है, तो अगले ही दिन टूट जाती है। ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहां मनचलों ने छात्राओं का पीछा किया।।’
उसने आरोप लगाया कि करीब 10-11 महीने पहले स्थापित ‘पिंक बूथ’ हाल में अक्सर खाली रहता है।
एलएसआर की कई छात्राएं जमरूदपुर सहित आसपास के इलाकों में पीजी आवासों में रहती है, जिससे कॉलेज और इन आवासीय क्षेत्रों के बीच के रास्ते सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील हो जाते हैं।
द्वितीय वर्ष की एक छात्रा ने निराशा जताते हुए कहा, ‘इस चर्चा का आखिर क्या मतलब है? एक घटना होती है, फिर हम सुरक्षा चिंताओं पर बात करते हैं और फिर सब भूल जाते हैं। यह एक भयानक सपने का अंतहीन सिलसिला बन गया है।’
उसने सवाल किया, ‘प्रशासन पहले से एहतियाती कदम क्यों नहीं उठाता, और किसी का जीवन प्रभावित होने के बाद ही हम ये चर्चा क्यों करते हैं?’
आस्था कुंज पार्क एलएसआर कॉलेज से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
भाषा सुमित अविनाश
अविनाश