आस्था कुंज पार्क दुष्कर्म मामला: आरोपियों ने पीड़िता को एक किमी तक पीछा कर घेरा

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आस्था कुंज पार्क दुष्कर्म मामला: आरोपियों ने पीड़िता को एक किमी तक पीछा कर घेरा

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  • Publish Date - September 23, 2026 / 10:02 PM IST,
    Updated On - September 23, 2026 / 10:02 PM IST

नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपियों ने लगभग एक किलोमीटर तक उसका पीछा किया, फिर उसे घेर लिया जिसके बाद वे फोन करके एक-दूसरे को मौके पर बुलाते रहे और अलग-अलग जगहों पर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

आरोपियों ने खुद को कथित तौर पर पुलिसकर्मी बताकर लड़की और उसके 17 वर्षीय दोस्त को धमकाया था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी हेमंत (24) को महिलाओं की ओर से उसके व्यवहार को लेकर मिली शिकायतों के बाद करीब एक महीने पहले एक जिम से निकाल दिया गया था। हेमंत पेशे से अधिवक्ता है।

पुलिस के अनुसार, जांच से यह भी पता चला है कि तीनों आरोपी- सब्जियों का थोक व्यापारी आसिफ (32), हेमंत और उसका भाई महेश (24) अक्सर इस पार्क में आते-जाते थे और इसके सुनसान इलाकों में छिपे रहते थे। महेश बीएससी गणित का अंतिम वर्ष का छात्र है।

अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने पाया कि शुरुआती पूछताछ के दौरान हेमंत और महेश ने ‘कोई पछतावा’ नहीं दिखाया।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी पार्क में ऐसी घटनाओं में शामिल रहे हो सकते हैं। पुलिस उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और गतिविधियों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे इस तरह की किसी अन्य घटना में शामिल थे या नहीं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पहले की घटनाओं के संबंध में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।

जांचकर्ताओं को संदेह है कि कुछ पीड़ित सामाजिक कलंक या अपने परिवारों के डर से पुलिस के पास जाने से बचती रही होंगी।

जांच से पता चला है कि यह घटना सोमवार शाम 7:15 बजे से रात 8:00 बजे के बीच हुई, जब तीनों आरोपियों ने लड़की और उसके 17 वर्षीय दोस्त को गेट नंबर 7 से पार्क में प्रवेश करते देखा।

एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “उन्होंने लगभग एक किलोमीटर तक उनका पीछा किया और फिर उन्हें रोक लिया। उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को धमकाया और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की चेतावनी दी।”

इसके बाद आरोपियों ने लड़की को उसके दोस्त से कथित तौर पर अलग कर दिया। आसिफ ने उन्हें कथित तौर पर चाकू और पिस्तौल से दिखाकर धमकाया, जबकि अन्य दो आरोपी लड़की को पार्क के अंदर सुनसान जगहों पर ले गए, जहां बेंचों सहित कई स्थानों पर उसका यौन उत्पीड़न किया गया। आसिफ तुगलकाबाद निवासी है और शादीशुदा है तथा उसकी 13 साल की बेटी है।

पुलिस ने बताया कि जब एक आरोपी लड़की का उत्पीड़न कर रहा होता था, तो दूसरा नज़र रखता था। वे बारी-बारी अपने मोबाइल फोन पर एक-दूसरे को कॉल करते थे और उन्हें बुलाते।

पुलिस ने बताया कि श्रीनिवासपुरी मंडी में काम करने वाला आसिफ, हेमंत और महेश को करीब चार साल से जानता है।

पुलिस ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों मौके से फरार हो गए। लड़की और उसका दोस्त पार्क से बाहर निकलने में सफल रहे और लड़के के फोन से पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को सूचित किया गया। जब पीसीआर टीम वहां पहुंची, तब वे गेट नंबर 7 के पास खड़े थे।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उस समय मौके पर कोई सुरक्षा गार्ड नहीं मिला। पुलिस अब पार्क में गार्ड की तैनाती और वहां के सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर रही है।

जांच में यह बात भी सामने आई है कि जिस जगह कथित अपराध हुआ, वहां पर्याप्त रोशनी नहीं थी और सीसीटीवी कैमरा भी नहीं लगा था।

अधिकारियों ने बताया कि इन कमियों के बावजूद पुलिस तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफल रही, जिनमें से एक आरोपी मंगलवार तड़के पुलिस टीम के साथ मुठभेड़ के बाद घायल हो गया था।

उन्होंने बताया कि लड़की के बयान से भी जांचकर्ताओं को मदद मिली। उसे आरोपियों के शारीरिक विवरण, उनके उपनाम, रंग-रूप और उनके द्वारा पहने गए कपड़े याद थे।

अधिकारी के अनुसार, उसने पुलिस को यह भी बताया कि आरोपी संदिग्ध नहीं लग रहे थे।

पुलिस ने इसके बाद पार्क और उसके आसपास तथा वहां आने-जाने वाले रास्तों पर लगे 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांचकर्ताओं ने लगभग 20 लोगों को छांटा, जिसके बाद तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी की मदद से तीनों आरोपियों को चिन्हित किया गया। वे स्थानीय निवासी हैं और अक्सर पार्क में आते-जाते रहते हैं।

पुलिस अब आरोपियों की गतिविधियों को समझने और घटना से पहले तथा बाद में उनके बीच हुई बातचीत का पता लगाने के लिए उनके मोबाइल फोन, संपर्क सूत्रों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।

तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी जांच के कुछ पहलू पूरे होने के बाद पुलिस उनकी हिरासत मांग सकती है।

भाषा नोमान

नोमान वैभव

वैभव