कोलकाता, तीन सितंबर (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि हथियारों से लैस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित लोग बृहस्पतिवार तड़के यहां पार्टी के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय में जबरन घुस गये और परिसर में तोड़फोड़ की।
घटना के संबंध में छह लोगों को हिरासत में लिया गया है।
बनर्जी ने सोशल मीडिया पर घटना की कथित सीसीटीवी फुटेज साझा की। इसमें कई लोग मास्क और हेलमेट पहने हुए दिखाई दे रहे हैं, जो परिसर से टीवी समेत विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर बाहर निकल रहे हैं। एक अन्य कथित वीडियो में एक कमरा दिखाई दे रहा है, जहां टूटी हुई वस्तुएं बिखरी हुई हैं और फर्नीचर तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान पहुंचा हुआ नजर आ रहा है।
डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी ने आरोप लगाया कि हथियारों से लैस लोग तड़के करीब साढ़े चार बजे कार्यालय में घुसे, कर्मचारियों के साथ मारपीट की, उनके मोबाइल फोन छीन लिए और परिसर में तोड़फोड़ की।
आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी पार्टी ‘बदले की राजनीति’ में विश्वास नहीं करती और किसी के कार्यालय में तोड़फोड़ का समर्थन नहीं करती। उन्होंने दावा किया, ‘‘तोड़फोड़ की घटना में भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता शामिल नहीं था।’’
पुलिस ने बताया कि इस घटना के सिलसिले में छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि हिरासत में लिए गए लोगों के विधानसभा चुनाव तक तृणमूल कांग्रेस से संबंध थे।
घटना को कानून के शासन पर शर्मनाक हमला बताते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं को ‘‘न तो कानून का डर है और न ही न्यायपालिका का।’’
तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘तोड़फोड़! हिंसा! अराजकता! पिछले एक महीने में मेरे दोनों कार्यालयों (अमतला और कैमक स्ट्रीट) में तोड़फोड़ की गई और उन्हें तहस-नहस कर दिया गया।’’
बनर्जी ने सवाल किया कि क्या पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय इस मामले में कार्रवाई करेंगे या ‘‘आंखें मूंदे रहेंगे’’।
बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल के कार्यकर्ताओं और वकीलों द्वारा बार-बार फोन करने और ईमेल भेजने के बावजूद, कोलकाता पुलिस ने लगभग दो घंटे तक कोई कार्रवाई नहीं की।
तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि हमला करने वाले लोग एक एयर प्यूरीफायर, प्रिंटर, टेलीविजन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों समेत कई सामान वहां से ले गए।
भाजपा विधायक सजल घोष ने सवाल किया कि इतनी सुबह तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता कार्यालय में क्यों मौजूद थे और आरोप लगाया कि राजनीतिक सुर्खियों में बने रहने के लिए इस घटना को जानबूझकर अंजाम दिया गया।
शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बनर्जी पर ही आरोप मढ़ते हुए कहा कि उनके अपने समर्थक पहले तोड़-फोड़ और अंडे फेंकने की घटनाओं में शामिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए। पॉल ने यह भी कहा कि अगर भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से भी किसी तरह की तोड़फोड़ की गई है तो वह भी गलत है।
यह कथित घटना बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय को लेकर बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच हुई है। हाल के दिनों में यह कार्यालय तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच विवाद का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
पिछले सप्ताह, पुलिस के साथ कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों ने परिसर में लगे तृणमूल कांग्रेस के एक होर्डिंग को हटाने की कोशिश की थी। अधिकारियों का आरोप था कि इसे अवैध रूप से लगाया गया था और इससे सुरक्षा को खतरा था।
तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम की टीम की कार्रवाई में कथित तौर पर बाधा डाली थी, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
भाषा आशीष नरेश
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