Abhishek Banerjee House Raid /Image: IBC24 File
कोलकाता। Abhishek Banerjee House Raid: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल मचाने वाले एक नाटकीय घटनाक्रम में शनिवार को पुलिस और केंद्रीय बलों की एक बड़ी टीम ने बड़ी करवाई की है। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के एक थाने में दर्ज मामले के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर छापेमारी की।
Abhishek Banerjee House Raid यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल अपराध अन्वेषण विभाग (CID) द्वारा राज्य विधानसभा से जुड़े कथित जाली हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से पूछताछ करने के ठीक दो दिन बाद और कई जांच एजेंसियों द्वारा उन्हें लगातार नए समन भेजे जाने के बीच हुआ है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी थाने और कोलकाता पुलिस के अधिकारियों की टीम तड़के तीन बजे के बाद बनर्जी के पतुआपारा स्थित आवास के बाहर पहुंचीं। केंद्रीय बल के जवानों ने परिसर के बाहर मोर्चा संभाला जबकि पुलिस अधिकारियों ने घर के अंदर घुसने की कोशिश की।
TMC ने आरोप लगाया कि पुलिस टीम ने ताला तोड़ा और बनर्जी के परिसर में घुस गईं। पुलिस की अचानक कार्रवाई की खबर मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी तुरंत अभिषेक के घर पहुंचीं। यह अभियान चार घंटे से अधिक समय तक चला और पुलिसकर्मी सुबह परिसर के अंदर मौजूद रहे। आज सुबह कई अधिकारी बनर्जी (Abhishek Banerjee House Raid) के घर से बाहर निकलते और घर में दोबारा जाने से पहले बाहर बातचीत करते देखे गए। घर से बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ताला तोड़कर पूरे घर की तलाशी ली। बनर्जी ने दावा किया कि ‘‘उन्होंने ताला तोड़ा, घर में घुसे और हर कमरे की तलाशी ली।’’ हालांकि, अधिकारियों ने तुरंत यह स्पष्ट नहीं किया कि यह अभियान किस मामले के सिलसिले में किया गया था।
Abhishek Banerjee House Raid आपको बता दें कि तड़के सुबह ED ने राजधानी कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक मदन मित्रा के कई ठिकानों पर रेड मारी है। केंद्रीय जांच एजेंसी की टीमों ने कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में लगभग छह से सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। ED की इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल में हड़कंप मच गया है।
ED कोलकाता टीम ने यह कार्रवाई TMC विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा पर लगे म्युनिसिपैलिटी भर्ती घोटाले के सिलसिले में हो रही है। अब तक की जांच से पता चला है कि मदन मित्रा ने कामरहाटी म्युनिसिपैलिटी समेत कई नगर पालिकाओं में अलग-अलग पदों पर अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति के बदले बिचौलियों के ज़रिए कैश और सोने के रूप में रिश्वत ली थी। मदन मित्रा ऐसी 125 से ज़्यादा गैर-कानूनी नियुक्तियों से जुड़े हैं, जिसमें आगे की जांच जारी है।