एबीवीपी ने 2018 में दारिभीत में मारे गए छात्रों की याद में बांग्ला भाषा दिवस मनाया

एबीवीपी ने 2018 में दारिभीत में मारे गए छात्रों की याद में बांग्ला भाषा दिवस मनाया

एबीवीपी ने 2018 में दारिभीत में मारे गए छात्रों की याद में बांग्ला भाषा दिवस मनाया
Modified Date: September 20, 2026 / 08:14 pm IST
Published Date: September 20, 2026 8:14 pm IST

कोलकाता, 20 सितंबर (भाषा) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 2018 में पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के दारिभीत में कथित पुलिस गोलीबारी में मारे गए दो छात्रों की याद में रविवार को पूरे शहर में ‘बांग्ला भाषा दिवस’ मनाया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के छात्र संगठन एबीवीपी ने दारिभीत उच्च विद्यालय के पूर्व छात्रों- राजेश सरकार और तापस बर्मन- को श्रद्धांजलि देने के लिए कॉलेज स्ट्रीट, श्यामबाजार फाइव पॉइंट क्रॉसिंग, हाजरा और यादवपुर विश्वविद्यालय समेत कई स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया।

संगठन ने इस्लामपुर में दारिभीत उच्च विद्यालय से दोनों छात्रों के स्मारक तक एक मार्च भी निकाला।

एबीवीपी की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य शुभव्रत अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कॉलेज स्ट्रीट में आयोजित कार्यक्रम में एबीवीपी के प्रदेश सचिव नीलकंठ भट्टाचार्य शामिल हुए। दोनों छात्रों की सितंबर 2018 में दारिभीत उच्च न्यायालय में उर्दू और संस्कृत के शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान मौत हुई थी।

एबीवीपी का आरोप है कि वे पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे।

स्थानीय लोगों का दावा था कि संस्थान को ऊर्दू और संस्कृत के शिक्षकों के बजाय गणित, विज्ञान और बांग्ला के शिक्षकों की आवश्यकता थी।

एबीवीपी ने कहा कि वह 20 सितंबर को ‘बांग्ला भाषा दिवस’ के रूप में आधिकारिक मान्यता दिलाने की मांग करेगी और छात्रों के बीच बांग्ला भाषा, साहित्य, संस्कृति व विरासत के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।

भाषा जोहेब सुरेश

सुरेश


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