कोलकाता, 11 फरवरी (भाषा) भुवनेश्वर में एक कॉलेज के विद्यार्थी को निदेशक (सुरक्षा) और कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा के बेटे से ‘ऑनलाइन पेइंग गेस्ट (पीजी)’ आवास उपलब्ध कराने की आड़ में धोखाधड़ी करके 30,000 रुपये ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इस विद्यार्थी से और पूछताछ करने के लिए उसे ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से कोलकाता लाया गया।
अधिकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता पीयूष वर्मा दिल्ली में पीजी आवास की ऑनलाइन खोज कर रहे थे तभी उन्हें एक ऐसी वेबसाइट मिली जिसमें किराये के कई विकल्प उपलब्ध थे।
अधिकारी ने कहा कि एक संपत्ति/मकान चुनने के बाद, वर्मा ने वेबसाइट के अधिकारियों से संपर्क किया जिसके बाद कथित तौर पर बुकिंग की पुष्टि के लिए उनसे 30,000 रुपये अग्रिम ऑनलाइन भुगतान करने को कहा गया। उन्होंने वेबसाइट पर दिए गए बैंक खाते में राशि डाल दी।
अधिकारी का कहना है कि काफी समय तक इंतजार करने के बावजूद वर्मा को बुकिंग की कोई पुष्टि नहीं मिली जिसके बाद उन्होंने वेबसाइट पर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन ये प्रयास भी विफल रहे।
उन्होंने बताया कि तब वर्मा को अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ और उन्होंने कोलकाता पुलिस के मुख्यालय लालबाजार स्थित साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
अधिकारी ने कहा, ‘‘लेनदेन से जुड़े बैंक खाते के विवरण का विश्लेषण करने पर हमने पाया कि आरोपी भुवनेश्वर में है और फिर उसे मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उससे पूछताछ की जा रही है ताकि उसकी भूमिका का पता लगाया जा सके और यह भी पता लगाया जा सके कि क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं।’’
पुलिस ने बताया कि जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि इस कथित धोखाधड़ी का दायरा कितना व्यापक है।
मनोज वर्मा को पिछले महीने पश्चिम बंगाल का निदेशक (सुरक्षा) नियुक्त किया गया था, इससे पहले वह कोलकाता के पुलिस आयुक्त थे।
भाषा
राजकुमार संतोष
संतोष