प्रयागराज, 26 मई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फेसबुक पर भारत विरोधी, मोदी विरोधी और पाकिस्तान के समर्थन वाली सामग्री पोस्ट करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत दे दी है।
न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ला ने बुलंदशहर निवासी ताहिर मेवाती की जमानत अर्जी सोमवार को मंजूर कर ली। मामले के तथ्यों के मुताबिक, मेवाती के खिलाफ बुलंदशहर के सलेमपुर थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि आरोपी को इस मामले में झूठा फंसाया गया है और वह 14 मई 2025 से जेल में है।
वहीं, अभियोजन पक्ष ने कहा कि मेवाती ने अपने फेसबुक एकाउंट से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कथित तौर पर बदनाम करने वाले दृश्य और पोस्ट डाले तथा पाकिस्तान के समर्थन में टिप्पणियां की।
इस संबंध में अदालत के समक्ष उस कथित पोस्ट का स्क्रीनशॉट पेश किया गया, जिसमें पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को प्रधानमंत्री मोदी को बांधकर खींचता हुआ दिखाया गया है और कैप्शन में लिखा गया है, “मोदी माफी मांगता है।”
अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि डिजिटल साक्ष्य से मेवाती का उस फेसबुक अकाउंट से संबंध स्थापित होता है और कथित तौर पर जिस मोबाइल फोन से फेसबुक का इस्तेमाल किया गया, उसे बरामद कर लिया गया है।
हालांकि, मेवाती के वकील ने दलील दी कि वह फेसबुक अकाउंट फर्जी था, जिसे किसी अन्य व्यक्ति ने उनके मुवक्किल की छवि बिगाड़ने के इरादे से बनाया था।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा, “याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप बेशक गंभीर हैं। हालांकि, ये आरोप उसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले अधिकार (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार) से वंचित नहीं कर सकते।”
भाषा
सं राजेंद्र पारुल
पारुल