मुजफ्फरपुर मामले में मानवाधिकार आयोग ने एनटीपीसी के सीएमडी और एसएसपी को नोटिस जारी किया

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मुजफ्फरपुर मामले में मानवाधिकार आयोग ने एनटीपीसी के सीएमडी और एसएसपी को नोटिस जारी किया

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  • Publish Date - July 16, 2026 / 10:42 PM IST,
    Updated On - July 16, 2026 / 10:42 PM IST

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के कांटी इलाके में सरकारी कंपनी एनटीपीसी द्वारा बनाए गए ‘ऐश डाइक लैगून’ (राख एकत्र करने वाले तालाब) में कथित तौर पर तीन बच्चों के डूबने की खबरों पर राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) और बिहार पुलिस के अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अधिकारियों से इस मामले में दो हफ्ते के अंदर रिपोर्ट मांगी है।

एनएचआरसी ने एक बयान में कहा कि उसने ‘मीडिया की उस खबर का स्वतः संज्ञान’ लिया है जिसमें कहा गया है कि बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी इलाके में एनटीपीसी द्वारा बनाए गए ‘ऐश डाइक लैगून’ में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई।

एनटीपीसी इन तालाबों में भारी मात्रा में कोयले की राख एकत्र करता है। आयोग ने कहा कि खबरों के अनुसार, उस इलाके में ‘कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए थे’।

आयोग ने माना है कि अगर समाचार में बतायी गयी बातें सच हैं, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है।

इसलिए, मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली स्थित एनटीपीसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक तथा मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को नोटिस जारी करके दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

मीडिया में आयी खबरों के अनुसार, इन तालाबों में ग्रामीणों के आने-जाने को रोकने के लिए कथित तौर पर कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं किया गया है; ये ग्रामीण बाज़ार में बेचने के लिए कोयले का बचा-खुचा हिस्सा इकट्ठा करते हैं।

एक अलग बयान में एनएचआरसी ने कहा कि उसने मीडिया की एक खबर का स्वतः संज्ञान लिया है। इस खबर के मुताबिक, 14 जुलाई को उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के नोएडा में सेक्टर-93 में नोएडा प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे सफाई अभियान के दौरान, 28 वर्षीय एक सफाई कर्मचारी की सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस से कथित तौर पर मौत हो गई थी।

भाषा संतोष माधव

माधव