सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाना ठीक नहीं : राकांपा सदस्य प्रफुल्ल पटेल
सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाना ठीक नहीं : राकांपा सदस्य प्रफुल्ल पटेल
नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले कुछ दिनों में प्रश्नपत्र लीक मामले और उसके बाद हुए घटनाक्रम से केवल छात्र ही परेशान नहीं हुए बल्कि सरकार को भी पीड़ा हुई है और ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ इसी पीड़ा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाना ठीक नहीं है।
राज्यसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि युवाओं का भविष्य देश का भविष्य है और भारत को विश्व में युवा देश माना जाता है क्योंकि देश में युवाओं की आबादी 65 फीसदी से अधिक है।
उन्होंने कहा ‘‘पिछले कुछ दिनों में जो कुछ घटनाएं हुईं, उनसे सरकार को भी पीड़ा हुई है और यह विधेयक उसी का परिणाम है। सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाना ठीक नहीं है।’’
पटेल ने कहा कि पिछले 12 साल में शिक्षा व्यवस्था में आया बदलाव नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ‘‘आज युवाओं के लिए अवसरों की वृद्धि हुई है जिसका मुख्य कारण है कि उनके लिए विविध पाठ्यक्रम आज उपलब्ध हैं और इसमें भी आगे की संभावनाएं देखी जा रही हैं।’’
उन्होंने कहा कि युवाओं को हम किस दिशा में लेकर जा रहे हैं, इस बारे में गंभीरता से मनन करना होगा। ‘‘विरोध करना ठीक है लेकिन हमें मर्यादाओं का भी ध्यान रखना होगा। यही वजह है कि संसद में बैठ कर जिम्मेदारी से हमें सोचना होगा। सोशल मीडिया पर डाले जाने वाले हर पोस्ट पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देना ठीक नहीं है क्योंकि ये बच्चे हमारे ही हैं और हमें इन्हें सही रास्ता दिखाना होगा।’’
राकांपा सदस्य ने कहा ‘‘परीक्षा के मुद्दे पर सुझावों के लिए नंदन नीलेकणि की अगुवाई में बनी समिति के सुझावों पर व्यापक चर्चा की जाएगी और बेहतर सुझावों को अंगीकार किया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि हम सभी का यह सामूहिक दायित्व है कि युवाओं को सही शिक्षा मिले, सही रास्ता मिले, सही भविष्य मिले और यह विधेयक इसी दिशा में किया जा रहा एक प्रयास है।
भाषा मनीषा माधव अविनाश
अविनाश

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