सावरकर क्विज विवाद में यदि और शिक्षक शामिल पाए गए, तो उनपर भी होगी कार्रवाई: केरल के मंत्री
सावरकर क्विज विवाद में यदि और शिक्षक शामिल पाए गए, तो उनपर भी होगी कार्रवाई: केरल के मंत्री
कासरगोड, 10 अगस्त (भाषा) केरल के शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने सोमवार को कहा कि यदि जांच में कुछ और शिक्षक क्विज प्रश्नावली के विवादित उत्तर में शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
क्विज प्रश्नावली के उत्तर में हिंदुत्व विचारक वी. डी. सावरकर को ‘ब्रिटिश शासकों से सर्वाधिक सजा पाने वाले स्वतंत्रता सेनानी’ के रूप में वर्णित किया गया था।
सामान्य शिक्षा विभाग के महानिदेशक स्नेहिल कुमार सिंह ने रविवार को आदेश जारी कर कासरगोड के कुंबला उपजिले में स्थित सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालय (एयूपीएस) पल्लथड़का के शिक्षक गुरु प्रसाद को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया। उन्होंने ही प्रश्नावली तैयार की थी।
कुंबला और मंजेश्वर उपजिलों के अंतर्गत आने वाले निम्न प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और उच्च विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए स्कूल स्तर की सामाजिक विज्ञान क्लब ‘फ्रीडम क्विज 2026’ का आयोजन छह अगस्त को किया गया था।
निम्न प्राथमिक वर्ग की प्रश्नावली में 15 मुख्य प्रश्न और पांच निर्णायक (टाई ब्रेकर) प्रश्न शामिल थे।
अधिकारियों ने बताया कि पांचवें प्रश्न में पूछा गया था, ‘वह कौन-से स्वतंत्रता सेनानी हैं, जिन्हें अंग्रेजों ने सबसे अधिक सजा दी?’ इसके उत्तर के तौर पर वी. डी. सावरकर का नाम दिया गया था।
इस प्रश्न और उसके उत्तर को लेकर विवाद खड़ा हो गया और व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद शिक्षा अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी।
उन्होंने कहा, “सामान्य शिक्षा विभाग में कई पाठ्येतर गतिविधियां होती हैं। इनके लिए मंजूरी मिली हुई है और एक आधिकारिक कैलेंडर भी है। यह विशेष क्विज प्रतियोगिता इनमें से किसी का हिस्सा नहीं है। इसे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्थानीय स्तर पर आयोजित किया गया था।”
मंत्री ने कहा कि गतिविधि चाहे कोई भी हो, विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों को अनुशासन बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा, “विभागीय अनुशासन रखे बिना शिक्षा विभाग की योजनाओं का इस्तेमाल अपने निजी हितों के लिए करना सही नहीं है। इसलिए इस मामले में कुछ अनुशासनात्मक मुद्दे जुड़े हुए हैं। इसी तरह यह स्पष्ट है कि यह काम किसी गंभीर निजी हित के लिए किया गया था।”
शम्सुद्दीन ने कहा कि जब उन्हें इस मामले की जानकारी मिली, तो उन्होंने सामान्य शिक्षा विभाग के महानिदेशक और सचिव को इसकी जांच करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जांच के बाद एक रिपोर्ट सौंपी गई जिसमें ऐसा करने वाले व्यक्ति की पहचान की गई, और उसे निलंबित कर दिया गया।
मंत्री ने कहा, ‘जांच अभी भी जारी है—यह एक मानक प्रक्रिया है। जांच पूरी होने तक संबंधित व्यक्ति को निलंबित कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आ जाने दीजिए; उसके बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।’
यह पूछे जाने पर कि क्या अन्य शिक्षकों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, मंत्री ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह आरोप एक ही शिक्षक के खिलाफ था।
उन्होंने कहा, ‘यदि इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था, या अन्य लोगों ने शिक्षा क्षेत्र में समस्याएं पैदा करने के लिए अपने हितों और विचारों को इसी तरह लागू करने की कोशिश की, तो उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।’
इस बीच, पुलिस ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कुंबला में उस स्थान तक विरोध मार्च निकाला, जहां शिक्षा मंत्री एक उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हो रहे थे। कार्यकर्ता विवादित प्रश्नावली को लेकर शिक्षक के निलंबन का विरोध कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षक की बहाली और मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
चूंकि, इलाके में पुलिसकर्मियों की संख्या कम तैनात की गई थी, इसलिए प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोकने में उन्हें कठिनाई हुई।
अधिकारियों ने बताया कि बाद में अधिक संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को वहां से हटा दिया।
हालांकि, महिला कार्यकर्ता मौके पर डटी रहीं और उन्होंने मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।
वहीं, संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) समर्थकों ने मंत्री के समर्थन में एक मार्च निकाला।
भाषा तान्या दिलीप
दिलीप

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