भाजपा ने दुष्कर्म मामले में तेजपाल की दोषसिद्धि पर कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए
भाजपा ने दुष्कर्म मामले में तेजपाल की दोषसिद्धि पर कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए
नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दुष्कर्म मामले में समाचार पत्रिका ‘तहलका’ के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल की दोषसिद्धि पर कांग्रेस की चुप्पी पर सोमवार को सवाल उठाए। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का ‘तहलका’ के साथ लंबे समय से “गठजोड़” रहा है।
बंबई उच्च न्यायालय ने तेजपाल (63) को 2013 में गोवा में ‘तहलका’ की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान होटल की लिफ्ट में एक सहकर्मी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में गत बृहस्पतिवार को दोषी करार देते हुए 10 साल की जेल की सजा सुनाई थी।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि तेजपाल को दोषी ठहराए जाने के बावजूद मामले में कांग्रेस की चुप्पी दिखाती है कि अभिव्यक्ति की आजादी और महिलाओं के अधिकारों को लेकर पार्टी का दृष्टिकोण “एकतरफा, पक्षपाती और पूर्वाग्रह से भरा” है।
त्रिवेदी ने यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “आज जब उन्हें (तेजपाल को) दोषी ठहराया जा चुका है, तो मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि उनके और कांग्रेस के बीच लगभग दो दशक से संबंध हैं।”
उन्होंने तेजपाल को दोषी ठहराए जाने के घटनाक्रम पर कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आने पर सवाल उठाए।
त्रिवेदी ने कहा, “अगर तेजपाल और कांग्रेस के बीच कोई संबंध नहीं होता, तो पार्टी कह सकती थी कि टिप्पणी करना या न करना उसका अधिकार है। लेकिन पिछले 20 वर्षों से उनके बीच जो प्यार और समझ चली आ रही है, वह 2013, 2014, 2016 और 2021 में साफ दिख चुकी है।”
उन्होंने कहा, “अगर वे अब भी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं, तो इससे पता चलता है कि वे राष्ट्रवादी सरकार को गिराने और उसकी छवि खराब करने के लिए किस तरह की साजिशें रचते थे।”
त्रिवेदी ने कांग्रेस पर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों को निशाना बनाने के लिए मीडिया से जुड़े लोगों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी पार्टी की यह “प्रवृत्ति” बदली नहीं है।
त्रिवेदी ने कहा, “कांग्रेस की बुरी नीयत और स्वतंत्र मीडिया का दिखावा करने वाले प्यादों की मदद से रची गई पार्टी की साजिशें अब बेनकाब हो रही हैं।”
भाजपा प्रवक्ता ने 2021 में निचली अदालत से बरी होने के बाद तेजपाल की ओर से दिए गए उस कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने इस मामले में मदद के लिए कांग्रेस का शुक्रिया अदा किया था।
त्रिवेदी ने दावा किया कि निचली अदालत से बरी होने के बाद तेजपाल ने कांग्रेस का आभार जताया था, लेकिन बाद में उच्च न्यायालय ने उस फैसले को पलट दिया।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी को साफ तौर पर बताना चाहिए कि दोनों के बीच क्या रिश्ता था।”
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए त्रिवेदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर “दोहरा रवैया” अपनाने का आरोप लगाया।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि झारखंड में छात्र शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह मुद्दा सिर्फ प्रश्नपत्र लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि भर्तियों में अनियमितताओं से भी जुड़ा हुआ है।
बंबई उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने दुष्कर्म मामले में तेजपाल को बरी करने के निचली अदालत के 2021 के फैसले को “गलत” बताते हुए उसकी आलोचना की थी।
उसने कहा था कि निचली अदालत इस सोच की शिकार हो गई थी कि ऐसे मामलों में शिकायत करने वाली महिला को एक “आदर्श पीड़िता” होना चाहिए और उसे विश्वसनीय लगने के लिए एक खास तरह से व्यवहार करना चाहिए।
तेजपाल ने कहा है कि वह उच्च न्यायालय के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती देंगे।
भाषा पारुल नरेश
नरेश

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