अभिनेता प्रकाश राज का दावा, बेंगलुरु में मतदाता सूची से उनका नाम हटा दिया गया

अभिनेता प्रकाश राज का दावा, बेंगलुरु में मतदाता सूची से उनका नाम हटा दिया गया

अभिनेता प्रकाश राज का दावा, बेंगलुरु में मतदाता सूची से उनका नाम हटा दिया गया
Modified Date: August 11, 2026 / 04:26 pm IST
Published Date: August 11, 2026 4:26 pm IST

बेंगलुरु, 11 अगस्त (भाषा) अभिनेता प्रकाश राज ने मंगलवार को दावा किया कि बेंगलुरु में जारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से उनका नाम हटा दिया गया है।

अभिनेता ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर साझा किये गए एक वीडियो में दावा किया कि वह उन 65 लाख मतदाताओं में से एक हैं, जिनका मताधिकार एसआईआर के बाद खत्म कर दिया गया है।

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता ने कहा, ‘‘…मैं आपके साथ एक मजाक साझा करना चाहता हूं। मैं उन 65 लाख मतदाताओं में से एक हूं, जिनका मताधिकार एसआईआर के बाद बेंगलुरु निर्वाचन क्षेत्र से हटा दिया गया है। अच्छा मजाक है, है ना? मेरा जन्म इसी निर्वाचन क्षेत्र में हुआ था। मैं इसी निर्वाचन क्षेत्र में रहा हूं, मेरी स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई यहीं हुई और थिएटर का काम भी यहीं सीखा। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मैंने इसी निर्वाचन क्षेत्र से संसदीय चुनाव भी लड़ा था।’’

प्रकाश राज ने कहा, ‘‘खैर, अच्छा मजाक है। चलिए, शुरू करते हैं। मुझे देखने दीजिए कि क्या प्रक्रिया है। अपना मतदाता पहचान पत्र वापस पाने के लिए क्या-क्या कागज दिखाना पड़ेगा?’’

केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए अभिनेता ने कहा, ‘‘ठीक है, तो खेल शुरू हो गया है। लेकिन दोस्त, एक छोटी सी बात कहूं — हो सकता है कि आप अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करके उन कुछ नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दें जो शायद आपको न चुनें। लेकिन क्या आप हमें… आपको सत्ता से हटाने से रोक सकते हैं? बस पूछ रहा हूं। बाय।’’

यहां निर्वाचन आयोग के अधिकारियों की ओर से उनके दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, खबरों के मुताबिक, उनका नाम बेंगलोर सेंट्रल के शांतिनगर निर्वाचन क्षेत्र की एएसडीडीओ (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट और अन्य) सूची में है तथा इसका कारण ‘‘स्थायी रूप से कहीं और बस जाना’’ बताया गया है।

शहर की एक अदालत ने 10 जुलाई को अभिनेता को एक आपराधिक मामले में सशर्त जमानत दी थी। यह मामला एक निजी शिकायत से संबंधित है जिसमें आरोप लगाया गया है कि उनके पास अलग-अलग जगहों पर पंजीकृत चार मतदाता पहचान पत्र हैं।

मामले के सिलसिले में उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश


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