मिलावटी दूध का मामला: कूलेंट लीक होने का संदेह, नमूनों को जांच के लिए भेजा

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मिलावटी दूध का मामला: कूलेंट लीक होने का संदेह, नमूनों को जांच के लिए भेजा

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  • Publish Date - February 24, 2026 / 02:08 PM IST,
    Updated On - February 24, 2026 / 02:08 PM IST

राजामहेंद्रवरम (आंध्र प्रदेश), 24 फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश पुलिस ने मंगलवार को कहा कि कथित तौर पर ‘‘मिलावाटी’’ दूध के सेवन से चार लोगों की मौत का कारण एक विक्रेता के फ्रीजर से रासायनिक ‘कूलेंट’ का रिसाव हो सकता है।

‘कूलेंट’ वह पदार्थ होता है जो किसी मशीन, इंजन, उपकरण या प्रणाली का तापमान कम रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

पुलिस के अनुसार, कथित मिलावटी दूध पीने के बाद पिछले दो दिन में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, दूषित दूध के कारण गुर्दे खराब होने से अचानक मूत्र संबंधी अवरोध पैदा हो गया और मौत हो गई।

भंडारण इकाई और आपूर्ति किए गए दूध से एकत्र नमूनों को विस्तृत वैज्ञानिक जांच के लिए विजयवाड़ा स्थित फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा गया है।

पूर्वी गोदावरी जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डी. नरसिम्हा किशोर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “दूध आरोपी के घर पर फ्रीजर में रखा गया था और हमें संदेह है कि उसमें संभवत: कूलेंट का रिसाव हुआ होगा। सभी आवश्यक नमूने एफएसएल को भेज दिए गए हैं।”

उन्होंने बताया कि विक्रेता अपने घर में दो कंटेनर वाले फ्रीजर में दूध रखता था। इसके अलावा वितरण के लिए भंडारण टैंकों से छह कैन भरे जाते थे। शहर के विभिन्न इलाकों में आपूर्ति से पहले कुछ कैन में ताजा दूध भी भरा जाता था।

पुलिस को संदेह है कि मिलावटी दूध वाली एक कैन से उन घरों में आपूर्ति की गई होगी, जहां मौतें हुईं।

आरोपी विक्रेता को हिरासत में ले लिया गया है और आपूर्ति से जुड़ी डेयरी इकाई को सील कर दिया गया है।

आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भाषा खारी वैभव

वैभव

खारी