अग्निपथ प्रदर्शन: झारखंड में पांच हजार सुरक्षा कर्मी तैनात, स्कूल बंद

अग्निपथ प्रदर्शन: झारखंड में पांच हजार सुरक्षा कर्मी तैनात, स्कूल बंद

अग्निपथ प्रदर्शन: झारखंड में पांच हजार सुरक्षा कर्मी तैनात, स्कूल बंद
Modified Date: November 29, 2022 / 07:49 pm IST
Published Date: June 20, 2022 7:30 pm IST

रांची, 20 जून (भाषा) सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए लाई गई विवादास्पद ‘अग्निपथ’ योजना को वापस लेने की मांग को लेकर भारत बंद के मद्देनजर सोमवार को झारखंड में पांच हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया और राज्य भर में स्कूल बंद रहे।

झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी (अभियान) अमोल वी होमकर ने पीटीआई-भाषा को बताया कि अब तक राज्य में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।

राजधानी रांची, जमशेदपुर, पलामू और अन्य जगहों पर दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले रहे।

होमकर ने कहा कि राज्य की राजधानी रांची और प्रमुख प्रतिष्ठानों सहित पूरे राज्य में आरएएफ, आरपीएफ और सीआरपीएफ के पांच हजार से ज़्यादा कर्मियों को तैनात किया गया है।

रांची रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।

होमकर ने कहा, “विरोध को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की दो बटालियन, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की छह बटालियन और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की 24 बटालियन को तैनात किया गया है। अभी तक किसी तरह की हिंसा की खबर नहीं है।”

स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि बंद के मद्देनजर सरकारी और निजी स्कूल बंद हैं और नौवीं और 11वीं कक्षाओं की रद्द की गई परीक्षाओं की नई तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।

रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि गोरखपुर-हटिया-मौर्य एक्सप्रेस, चोपन-रांची एक्सप्रेस, हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस और रांची-पटना जन शताब्दी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेन आज के लिए रद्द कर दी गईं।

पलामू संभाग के आयुक्त जे एस चौधरी ने कहा कि प्रदर्शन के मद्देनजर सीआरपीएफ की कई बटालियन को संभाग में तैनात किया गया है और बल को मेदिनीनगर, हरिहरगंज, लातेहार, बालूमठ, गढ़वा और रंका में मुस्तैद रहने को कहा गया है।

कोडरमा में सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च किया जबकि लोहरदगा में लंबी दूरी की बसें और मालवाहक वाहन नहीं चले।

इस बीच, झारखंड कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार सशस्त्र बलों की नौकरियों का ‘व्यवसायीकरण’ करने पर आमादा है, जबकि देश के युवा सेवा की भावना और राष्ट्र के प्रति लगाव से इस पेशे को अपनाने की इच्छा रखते हैं।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में आमूल-चूल परिवर्तन करते हुए तीनों सेनाओं में सैनिकों की भर्ती संबंधी ‘अग्निपथ’ योजना की 14 जून को घोषणा की थी, जिसके तहत सैनिकों की भर्ती चार साल की लघु अवधि के लिए संविदा आधार पर की जाएगी।

भाषा

नोमान उमा

उमा


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